फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Sowing of early maize starts along with wheat harvesting, farmers busy in irrigation

Una News: गेहूं की कटाई के साथ अगेती मक्की की बिजाई शुरू, सिंचाई में जुटे किसान

Wed, 30 Apr 2025 05:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Apr 2025 05:27 PM IST
विज्ञापन
Sowing of early maize starts along with wheat harvesting, farmers busy in irrigation
सिंचित इलाकों के किसानों ने मक्की की फसल बिजाई को लेकर बीज की खरीद शुरू की
विज्ञापन


अधिकतर किसान निजी दुकानों से खरीद रहे बीज

कृषि विभाग के पास अभी नहीं पहुंची बीज की खेप, किसान इंतजार में

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में गेहूं की कटाई 80 प्रतिशत तक हो चुकी है। अब किसान आगामी फसलों की ओर ध्यान दे रहे। सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में मक्की की अगेती फसल की बिजाई का दौर शुरू हो गया है। इसके लिए किसान पहले जमीन की सिंचाई कर रहे हैं और उसके बाद खेत में पर्याप्त नमी आने पर बिजाई कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ऊना के मैदानी और सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में करीब 500 हेक्टेयर जमीन पर मक्की की अगेती फसल तैयार होती है। यह फसल दो माह के लिए होती है। इसके बाद फसल के दानों को निकालकर सुखाया नहीं जाता। बल्कि नमी के भरपूर दानों को ही मंडियों में बेच दिया जाता है। इन दानों की सबसे अधिक मांग पोल्ट्री इंडस्ट्री में रहती है। हाथों हाथ इस फसल को किसान से घर द्वार पर ही खरीद लिया जाता है। उधर, जिला कृषि विभाग के पास अभी मक्की के बीज नहीं पहुंचे हैं। इससे किसान अगेती फसल की बिजाई के लिए निजी दुकानों से महंगे बीज खरीद रहे हैं।
विज्ञापन




बॉक्स

कई किसानों का हरी सब्जियों की ओर रुझान

कई किसान हरी सब्जियों को उगाने में तरजीह दे रहे हैं। बैंगन, भिंडी, खीरा, घीया, कद्दू, हरी मिर्च और करेला जैसी फसलें भी इन दिनों में ही उगाई जाती हैं। ऊना-संतोषगढ़ सड़क मार्ग के किनारों पर बसे गांवों में सबसे अधिक हरी सब्जी तैयार होती है। इसके अलावा हरोली क्षेत्र के कई गांवों और स्वां नदी के किनारों पर भी हरी सब्जियां बड़े स्तर पर उगाई जाती हैं। ये फसलें अगेती मक्की के एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट्स
जिला में मक्की की अगेती फसल का दौर शुरू हो गया है। इसके लिए किसान बिजाई से पहले सिंचाई कर रहे। यह फसल दो माह में तैयार होती है। जबकि गैर सिंचित इलाकों में बरसात को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक खेती करते हैं। कृषि विभाग के पास जल्द फसलों से जुड़े बीज उपलब्ध होंगे। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग अधिकारियों व कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed