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सोशल मीडिया पर छोटी सी लापरवाही पर पड़ सकती है भारी
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ऊना के रायसंरी स्कूल में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्याथियों के साथ डीएसपी कुलविंद्र सिं
- फोटो : Una
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ऊना/नारी। सोशल मीडिया के इस्तेमाल के समय बरती गई लापरवाही घातक साबित हो सकते है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर दिखाई जाने वाली हर चीज सही नहीं होती। इससे बच्चे अपराधियों के चंगुल में फंस सकते हैं। कोविड काल में आनलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद से बच्चे मोबाइल के आदी हो रहे हैं। विद्यार्थियों को इससे दूर रहने की जरूरत है। यह बात डीएसपी कुलविंद्र ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रायंसरी में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि फेसबुक जैसे एप पर अज्ञात लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट कभी स्वीकार न करें। सोशल मीडिया के जरिये आए दिन ठगी के मामले सामने आते हैं। लोग जीवन भर की कमाई चंद मिनटों में गंवा देते हैं। कभी भी व्हाट्सएप और फेसबुक पर भेजे गए अनजान लिंक को क्लिक न करें और न ही कभी फोन पर अपने बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर करें। इन मामलों में अपराधी के पकड़े जाने की संभावना भी कम रहती हैं। बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए डीएसपी कुलविंद्र ने कहा कि पुलिस का काम समाज में शांति व्यवस्था कायम रखना होता है। इस अवसर स्कूल स्टाफ से अरविंद कुमार, राम कुमार, पुनीत कुमारी, स्नेहलता, किरण बाला, अनिल कुमार, रविंद्र कुमार, विजय कुमार, जसमेर सिंह, सीमा सैनी, तीर्थराम, बीना कुमारी, पूनम कौंडल, बलराम कुमार और राजकुमारी मौजूद रहे।
डीएसपी ने बच्चों से कहा कि हमारे समाज में अभी भी पुलिस को देखते ही लोग डरने लगते हैं। पुलिस समाज की सेवा के लिए है। पुलिस के पास जाने से बिल्कुल झिझके नहीं।
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छेड़छाड़ की शिकायत कैसे करें: वैष्णवी
इस मौके पर विद्यार्थियों ने डीएसपी से पुलिस और कानून से जुड़ी जानकारी के बारे में पूछा। 11वीं कक्षा की छात्रा वैष्णवी ने पूछा कि छेड़छाड़ करने वालों की शिकायत पुलिस के पास कैसे की जा सकती है। इस पर डीएसपी ने बताया कि किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए 100 नंबर डायर करें। इस नंबर पर आपको तुरंत मदद मिलेगी। इस दौरान मंच का संचालन विजय कुमार पुरी ने किया। छात्रा पूजा और अन्य ने स्वागत गीत गाया। वहीं छात्र रतीश ने देशभक्ति से जुड़ा गीत गाकर विद्यार्थियों में देशसेवा का संदेश दिया।
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बिना शिकायत के भी कार्रवाई होती है: पायल
छात्रा पायल ने पूछा कि क्या बिना शिकायत के भी अपराध पर कार्रवाई होती है। इस पर डीएसपी ने बताया कि ठगी जैसे मामलों में शिकायत जरूरी है। वहीं, अन्य मामलों में भी शिकायत और बयानों का होना जरूरी रहता है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज की जाती है। कुछ मामलों में पुलिस स्वयं कार्रवाई करती है।
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एक अच्छे पुलिस अधिकारी में क्या गुण होना जरूरी: गगन
छात्र गगन ने पूछा कि एक अच्छे पुलिस अधिकारी में क्या गुण होना जरूरी है। इस पर डीएसपी ने कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो एक अच्छा इंसान हो। अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी से निभाए और लोगों की पहल के आधार पर मदद करे। कुल मिलाकर एक अच्छा अधिकारी बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है।
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पुलिस सेवा में जाने के लिए कैसे तैयारी करें: कपिल
छात्र कपिल ने पूछा कि पुलिस सेवा में जाने के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए। इस पर डीएसपी ने कहा कि बारहवीं के बाद युवा कांस्टेबल पद की भर्ती में हिस्सा ले सकते हैं। इस दौरान ग्राउंड टेस्ट और लिखित परीक्षा के बाद पुलिस सेवा को ज्वाइन किया जा सकता है। ग्रेजुएशन के बाद सब इंस्पेक्टर के लिए आवेदन किए जा सकते है।
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शिकायत और एफआईआर में क्या अंतर: निशा
छात्रा निशा ने पूछा कि शिकायत और एफआईआर में क्या अंतर है। इस पर डीएसपी कुलविंद्र ने बताया कि किसी भी मामले में सबसे पहले शिकायत होती है और उसके बाद एफआईआर दर्ज की जाती है। कुछ मामले शिकायत के बाद ही सुलझा लिए जाते हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कोर्ट में भेजा जाता है।
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युवाओं में बढ़ेगी जागरूकता: प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी। वह नशे के दुष्परिणामों के बारे में जान पाएंगे। पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत करने से युवाओं में पुलिस विभाग से जुड़ा डर कम होगा।
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उन्होंने कहा कि फेसबुक जैसे एप पर अज्ञात लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट कभी स्वीकार न करें। सोशल मीडिया के जरिये आए दिन ठगी के मामले सामने आते हैं। लोग जीवन भर की कमाई चंद मिनटों में गंवा देते हैं। कभी भी व्हाट्सएप और फेसबुक पर भेजे गए अनजान लिंक को क्लिक न करें और न ही कभी फोन पर अपने बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर करें। इन मामलों में अपराधी के पकड़े जाने की संभावना भी कम रहती हैं। बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए डीएसपी कुलविंद्र ने कहा कि पुलिस का काम समाज में शांति व्यवस्था कायम रखना होता है। इस अवसर स्कूल स्टाफ से अरविंद कुमार, राम कुमार, पुनीत कुमारी, स्नेहलता, किरण बाला, अनिल कुमार, रविंद्र कुमार, विजय कुमार, जसमेर सिंह, सीमा सैनी, तीर्थराम, बीना कुमारी, पूनम कौंडल, बलराम कुमार और राजकुमारी मौजूद रहे।
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डीएसपी ने बच्चों से कहा कि हमारे समाज में अभी भी पुलिस को देखते ही लोग डरने लगते हैं। पुलिस समाज की सेवा के लिए है। पुलिस के पास जाने से बिल्कुल झिझके नहीं।
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छेड़छाड़ की शिकायत कैसे करें: वैष्णवी
इस मौके पर विद्यार्थियों ने डीएसपी से पुलिस और कानून से जुड़ी जानकारी के बारे में पूछा। 11वीं कक्षा की छात्रा वैष्णवी ने पूछा कि छेड़छाड़ करने वालों की शिकायत पुलिस के पास कैसे की जा सकती है। इस पर डीएसपी ने बताया कि किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए 100 नंबर डायर करें। इस नंबर पर आपको तुरंत मदद मिलेगी। इस दौरान मंच का संचालन विजय कुमार पुरी ने किया। छात्रा पूजा और अन्य ने स्वागत गीत गाया। वहीं छात्र रतीश ने देशभक्ति से जुड़ा गीत गाकर विद्यार्थियों में देशसेवा का संदेश दिया।
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बिना शिकायत के भी कार्रवाई होती है: पायल
छात्रा पायल ने पूछा कि क्या बिना शिकायत के भी अपराध पर कार्रवाई होती है। इस पर डीएसपी ने बताया कि ठगी जैसे मामलों में शिकायत जरूरी है। वहीं, अन्य मामलों में भी शिकायत और बयानों का होना जरूरी रहता है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज की जाती है। कुछ मामलों में पुलिस स्वयं कार्रवाई करती है।
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एक अच्छे पुलिस अधिकारी में क्या गुण होना जरूरी: गगन
छात्र गगन ने पूछा कि एक अच्छे पुलिस अधिकारी में क्या गुण होना जरूरी है। इस पर डीएसपी ने कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो एक अच्छा इंसान हो। अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी से निभाए और लोगों की पहल के आधार पर मदद करे। कुल मिलाकर एक अच्छा अधिकारी बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है।
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पुलिस सेवा में जाने के लिए कैसे तैयारी करें: कपिल
छात्र कपिल ने पूछा कि पुलिस सेवा में जाने के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए। इस पर डीएसपी ने कहा कि बारहवीं के बाद युवा कांस्टेबल पद की भर्ती में हिस्सा ले सकते हैं। इस दौरान ग्राउंड टेस्ट और लिखित परीक्षा के बाद पुलिस सेवा को ज्वाइन किया जा सकता है। ग्रेजुएशन के बाद सब इंस्पेक्टर के लिए आवेदन किए जा सकते है।
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शिकायत और एफआईआर में क्या अंतर: निशा
छात्रा निशा ने पूछा कि शिकायत और एफआईआर में क्या अंतर है। इस पर डीएसपी कुलविंद्र ने बताया कि किसी भी मामले में सबसे पहले शिकायत होती है और उसके बाद एफआईआर दर्ज की जाती है। कुछ मामले शिकायत के बाद ही सुलझा लिए जाते हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कोर्ट में भेजा जाता है।
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युवाओं में बढ़ेगी जागरूकता: प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी। वह नशे के दुष्परिणामों के बारे में जान पाएंगे। पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत करने से युवाओं में पुलिस विभाग से जुड़ा डर कम होगा।