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Una News: चेक बाउंस मामले में छह माह का कारावास, दो लाख हर्जाना
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एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल अंब कोर्ट नंबर-1 की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। अंब की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोषी महिला को छह माह के कारावास और दो लाख रुपये हर्जाने की सजा सुनाई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल अंब कोर्ट नंबर-1 के न्यायाधीश निरंजन धोचक ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अश्विनी अरोड़ा ने बताया कि रक्कड़, जिला कांगड़ा निवासी महिला ने शिकायतकर्ता नरिंद्र कुमार पुत्र चमन लाल निवासी गांव मुघाल, डाकघर सपौरी से दो लाख गाड़ी खरीदने के लिए 27 जुलाई 2012 में उधार लिया था। जब अपने दिए हुए पैसे आरोपी से मांगे तो शिकायतकर्ता को 1.30 लाख रुपये का चेक यूको बैंक शाखा गरली का दे दिया। जब शिकायतकर्ता ने इस चेक को अपने खाते में लगाया तो बैंक वालों ने अपना मेमो लगाकर वापस कर दिया कि खाते में पैसे कम हैं। इस पर शिकायतकर्ता के वकील ने आरोपी को केस करने से पहले धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत नोटिस दिया। नोटिस के बावजूद आरोपी ने पैसे नहीं दिए। अदालत में केस करने के उपरांत और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को छह महीने की सजा और दो लाख रुपये का हर्जाना की सजा सुनाई। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। अंब की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोषी महिला को छह माह के कारावास और दो लाख रुपये हर्जाने की सजा सुनाई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल अंब कोर्ट नंबर-1 के न्यायाधीश निरंजन धोचक ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अश्विनी अरोड़ा ने बताया कि रक्कड़, जिला कांगड़ा निवासी महिला ने शिकायतकर्ता नरिंद्र कुमार पुत्र चमन लाल निवासी गांव मुघाल, डाकघर सपौरी से दो लाख गाड़ी खरीदने के लिए 27 जुलाई 2012 में उधार लिया था। जब अपने दिए हुए पैसे आरोपी से मांगे तो शिकायतकर्ता को 1.30 लाख रुपये का चेक यूको बैंक शाखा गरली का दे दिया। जब शिकायतकर्ता ने इस चेक को अपने खाते में लगाया तो बैंक वालों ने अपना मेमो लगाकर वापस कर दिया कि खाते में पैसे कम हैं। इस पर शिकायतकर्ता के वकील ने आरोपी को केस करने से पहले धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत नोटिस दिया। नोटिस के बावजूद आरोपी ने पैसे नहीं दिए। अदालत में केस करने के उपरांत और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को छह महीने की सजा और दो लाख रुपये का हर्जाना की सजा सुनाई। संवाद