{"_id":"67406ce39db45c967a076e9b","slug":"shared-information-on-practical-and-innovative-uses-of-light-waves-una-news-c-93-1-una1002-138991-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: प्रकाश तरंगों के व्यावहारिक और नवाचारी उपयोगों पर साझा की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: प्रकाश तरंगों के व्यावहारिक और नवाचारी उपयोगों पर साझा की जानकारी
विज्ञापन
ट्रिपल आईटी में ऑप्टिकल सिद्धांतों के अनुप्रयोग पर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ट्रिपल आईटी ऊना में इंजीनियरिंग में ऑप्टिकल सिद्धांतों के अनुप्रयोग-2024 पर एक कार्यशाला का शुक्रवार को सफलतापूर्वक आयोजन किया। कार्यशाला 18 से 22 नवंबर तक आयोजित हुई। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम ऑप्टिक्स, फोटोनिक्स और इनकी इंजीनियरिंग में उपयोग के नवीनतम विकास पर केंद्रित था। इस कार्यशाला में विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों से 19 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला की शुरुआत प्रो. राजेंद्र सिंह (मुख्य अतिथि, आईआईटी दिल्ली) ने की। इसमें प्रो. विपुल रस्तोगी (आईआईटी रुड़की) और प्रो. मनीष गौर (निदेशक, ट्रिपल आईटी ऊना) भी उपस्थित रहे। सत्रों का संचालन प्रमुख विशेषज्ञों ने किया। जिनमें प्रो. राजेंद्र सिंह, प्रो. विपुल रस्तोगी, डॉ. अपर्णा अकुला, डॉ. सचिन कुमार श्रीवास्तव, डॉ. निकुंज गोयल, एसके वर्शने, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. शोनल चौकसी, प्रो. विनोद करार और डॉ. दिव्या अग्रवाल शामिल रहे। प्रत्येक वक्ता ने ऑप्टिकल (प्रकाशिकी) और फोटोनिक्स (प्रकाश तरंगों) के व्यावहारिक और नवाचारी उपयोगों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इससे प्रतिभागियों को इस क्षेत्र की गहरी समझ प्राप्त हुई। ट्रिपल आईटी ऊना की ऑप्टिक्स में अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित हुई। प्रो. मनीष गौर निदेशक ट्रिपल आईटी ऊना ने कहा कि मैं इंजीनियरिंग में ऑप्टिकल सिद्धांतों के अनुप्रयोग-2024 कार्यशाला की सफलता की घोषणा करते हुए खुश हूं। प्रमुख विशेषज्ञों की मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम ने ऑप्टिक्स और फोटोनिक्स के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान की। इससे हमारे प्रतिभागियों को इन क्रांतिकारी क्षेत्रों में अन्वेषण और नवाचार करने का अवसर मिला।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ट्रिपल आईटी ऊना में इंजीनियरिंग में ऑप्टिकल सिद्धांतों के अनुप्रयोग-2024 पर एक कार्यशाला का शुक्रवार को सफलतापूर्वक आयोजन किया। कार्यशाला 18 से 22 नवंबर तक आयोजित हुई। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम ऑप्टिक्स, फोटोनिक्स और इनकी इंजीनियरिंग में उपयोग के नवीनतम विकास पर केंद्रित था। इस कार्यशाला में विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों से 19 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला की शुरुआत प्रो. राजेंद्र सिंह (मुख्य अतिथि, आईआईटी दिल्ली) ने की। इसमें प्रो. विपुल रस्तोगी (आईआईटी रुड़की) और प्रो. मनीष गौर (निदेशक, ट्रिपल आईटी ऊना) भी उपस्थित रहे। सत्रों का संचालन प्रमुख विशेषज्ञों ने किया। जिनमें प्रो. राजेंद्र सिंह, प्रो. विपुल रस्तोगी, डॉ. अपर्णा अकुला, डॉ. सचिन कुमार श्रीवास्तव, डॉ. निकुंज गोयल, एसके वर्शने, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. शोनल चौकसी, प्रो. विनोद करार और डॉ. दिव्या अग्रवाल शामिल रहे। प्रत्येक वक्ता ने ऑप्टिकल (प्रकाशिकी) और फोटोनिक्स (प्रकाश तरंगों) के व्यावहारिक और नवाचारी उपयोगों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इससे प्रतिभागियों को इस क्षेत्र की गहरी समझ प्राप्त हुई। ट्रिपल आईटी ऊना की ऑप्टिक्स में अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित हुई। प्रो. मनीष गौर निदेशक ट्रिपल आईटी ऊना ने कहा कि मैं इंजीनियरिंग में ऑप्टिकल सिद्धांतों के अनुप्रयोग-2024 कार्यशाला की सफलता की घोषणा करते हुए खुश हूं। प्रमुख विशेषज्ञों की मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम ने ऑप्टिक्स और फोटोनिक्स के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान की। इससे हमारे प्रतिभागियों को इन क्रांतिकारी क्षेत्रों में अन्वेषण और नवाचार करने का अवसर मिला।