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Una News: चिंतपूर्णी में लंगर लगाने के लिए एसडीएम अंब देंगे अनुमति
Thu, 29 Aug 2024 03:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 29 Aug 2024 03:38 AM IST
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भरवाईं (ऊना)। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में अब लंगर संस्थाओं को लंगर लगाने के लिए अनुमति एसडीएम कार्यालय अंब में मिलेगी। बताते चलें कि चिंतपूर्णी में यदि श्रद्धालुओं ने एक या दो दिन के लिए लंगर लगाना है, तो उन्हें पहले अंब जाकर एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद सुलभ शौचालय वालों से क्लेरेंस लेकर फिर दोबारा सिक्योरिटी वापस लेने के लिए अंब जाना पड़ेगा।
ऐसा पहली बार देखा जा रहा है, जब जिला प्रशासन बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधा नहीं, बल्कि असुविधाएं पैदा कर रहा है। यह बात होटल एसोसिएशन के प्रधान संजीव शर्मा बिजनेस एसोसिएशन के प्रधान कुंदन गर्ग व पूर्व ट्रस्टी निरंजन कालिया ने कही। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर से जब हिमाचल प्रदेश में श्रद्धालुओं के वाहन प्रवेश करते हैं, तो जगह-जगह पुलिस नाकों से परेशान होकर श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु इस बात का खुलासा कर चुके हैं कि जगह-जगह पुलिस के नाके लगाने से श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से चिंतपूर्णी में विस्तारीकरण का कार्य कागजों में चल रहा है, लेकिन कार्य अभी शुरू नहीं हुआ और रोपवे लगाने के लिए सरकार ने एक ओर चिंतपूर्णी के स्थानीय व्यापारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी में प्रतिदिन लंगर संस्थाएं लंगरों का आयोजन करती हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें कोई सुविधा नहीं देता। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह पहले मंदिर अधिकारी लंगर लगाने की अनुमति देते थे, उसी तरह चिंतपूर्णी में लंगर संस्थाओं को लंगर लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें उनकी सिक्योरिटी यहीं पर प्राप्त हो। होटल एसोसिएशन के प्रधान संजीव शर्मा ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को भी लिखित शिकायत की जाएगी।
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ऐसा पहली बार देखा जा रहा है, जब जिला प्रशासन बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधा नहीं, बल्कि असुविधाएं पैदा कर रहा है। यह बात होटल एसोसिएशन के प्रधान संजीव शर्मा बिजनेस एसोसिएशन के प्रधान कुंदन गर्ग व पूर्व ट्रस्टी निरंजन कालिया ने कही। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर से जब हिमाचल प्रदेश में श्रद्धालुओं के वाहन प्रवेश करते हैं, तो जगह-जगह पुलिस नाकों से परेशान होकर श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु इस बात का खुलासा कर चुके हैं कि जगह-जगह पुलिस के नाके लगाने से श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि 2017 से चिंतपूर्णी में विस्तारीकरण का कार्य कागजों में चल रहा है, लेकिन कार्य अभी शुरू नहीं हुआ और रोपवे लगाने के लिए सरकार ने एक ओर चिंतपूर्णी के स्थानीय व्यापारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी में प्रतिदिन लंगर संस्थाएं लंगरों का आयोजन करती हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें कोई सुविधा नहीं देता। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह पहले मंदिर अधिकारी लंगर लगाने की अनुमति देते थे, उसी तरह चिंतपूर्णी में लंगर संस्थाओं को लंगर लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें उनकी सिक्योरिटी यहीं पर प्राप्त हो। होटल एसोसिएशन के प्रधान संजीव शर्मा ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को भी लिखित शिकायत की जाएगी।
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