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नशे के खिलाफ अभियान में स्कूल प्रमुख नहीं कर रहे सहयोग : सतीश
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सेवानिवृत्त प्रवक्ता सतीश स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को बताते हैं नशे के दुष्परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना (ऊना)। जिले के स्कूलों में नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक करने में कई स्कूल प्रमुख गंभीरता नहीं दिखा रहे। बडसाला गांव निवासी सेवानिवृत्त इतिहास के प्रवक्ता सतीश शर्मा ने स्कूलों में नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान चला रखा है। सतीश शर्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में इतिहास विषय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। वह सेवानिवृत्ति के बाद से सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि कई शिक्षण संस्थानों से सहयोग न मिलने से बुरे अनुभव के साथ लौटना पड़ रहा। बताया कि वर्ष 2021 से वह नशा मुक्ति के लिए जिला के स्कूलों, आईटीआई, कॉलेज में जाकर बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हैं। वह यह कार्य बतौर वॉलंटियर चार वर्षों से करते चले आ रहे हैं। जिलाधीश ऊना की सिफारिश से जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक ने उन्हें स्कूलों में विद्यार्थियों में जागरुकता लाने की अनुमति प्रदान की। इसके लिए एक आधिकारिक पत्र भी जारी किया। वर्ष 2021 और 22 में उन्होंने जिले के लगभग 230 स्कूलों में नशा मुक्ति के साथ कॅरिअर काउंसलिंग के संबंध में बच्चों को जागरूक किया। कहा कि फिर भी कुछ संस्थाओं के मुखिया उन्हें ऐसा करने से इंकार करते हैं। कई विद्यालयों में यह भी कहा जाता है कि बच्चों को नशे के संबंध में खुद ही जागरूक कर लेते हैं।
नशा मुक्ति अभियान एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। कई राज्यों में तो इस विषय को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। जिला में किसी भी संस्थान का मुखिया यदि कार्यक्रम करवाने से इनकार करता है तो इस बारे में जल्द जानकारी जुटाई जाएगी।
जतिन लाल, जिलाधीश ऊना
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना (ऊना)। जिले के स्कूलों में नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक करने में कई स्कूल प्रमुख गंभीरता नहीं दिखा रहे। बडसाला गांव निवासी सेवानिवृत्त इतिहास के प्रवक्ता सतीश शर्मा ने स्कूलों में नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान चला रखा है। सतीश शर्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में इतिहास विषय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। वह सेवानिवृत्ति के बाद से सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि कई शिक्षण संस्थानों से सहयोग न मिलने से बुरे अनुभव के साथ लौटना पड़ रहा। बताया कि वर्ष 2021 से वह नशा मुक्ति के लिए जिला के स्कूलों, आईटीआई, कॉलेज में जाकर बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हैं। वह यह कार्य बतौर वॉलंटियर चार वर्षों से करते चले आ रहे हैं। जिलाधीश ऊना की सिफारिश से जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक ने उन्हें स्कूलों में विद्यार्थियों में जागरुकता लाने की अनुमति प्रदान की। इसके लिए एक आधिकारिक पत्र भी जारी किया। वर्ष 2021 और 22 में उन्होंने जिले के लगभग 230 स्कूलों में नशा मुक्ति के साथ कॅरिअर काउंसलिंग के संबंध में बच्चों को जागरूक किया। कहा कि फिर भी कुछ संस्थाओं के मुखिया उन्हें ऐसा करने से इंकार करते हैं। कई विद्यालयों में यह भी कहा जाता है कि बच्चों को नशे के संबंध में खुद ही जागरूक कर लेते हैं।
नशा मुक्ति अभियान एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। कई राज्यों में तो इस विषय को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। जिला में किसी भी संस्थान का मुखिया यदि कार्यक्रम करवाने से इनकार करता है तो इस बारे में जल्द जानकारी जुटाई जाएगी।
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जतिन लाल, जिलाधीश ऊना