{"_id":"6272c362a4a1ec62617319bb","slug":"school-opening-time-changed-some-children-were-late-due-to-lack-of-information-una-news-sml4077695200","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल खुलने के समय बदला, जानकारी न होने कुछ बच्चे हुए लेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल खुलने के समय बदला, जानकारी न होने कुछ बच्चे हुए लेट
विज्ञापन
ऊना में स्कूल समय सारणी में किए गए बदलाव के बाद सुबह के समय स्कूल जाते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Una
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी/ऊना। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के बाद जिले में स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव कर दिया गया है। पहली से आठवीं कक्षाएं बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे लगीं। इस दौरान कुछ बच्चों को स्कूल खुलने के समय में बदलाव की जानकारी नहीं थी। इसकी वजह से वे देरी से स्कूल पहुंचे।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्राथमिक शिक्षा विभाग ने सोमवार शाम को स्कूलों का समय सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर 12:50 बजे तक कर दिया। आदेश जारी होने के वक्त स्कूलों में छुट्टी हो चुकी थी। बुधवार को ईद की छुट्टी होने के कारण फोन के माध्यम से अध्यापकों तक जानकारी पहुंच गई, लेकिन कई बच्चों तक यह सूचना नहीं पहुंची। इनमें से अधिकतर प्रवासी बच्चे थे। वे पुराने समय के अनुसार ही स्कूल पहुंचे। हालांकि बच्चों को स्कूल में नई समय सारिणी की जानकारी दी गई। इस बारे में कुछ अध्यापकों और बच्चों ने अपने विचार साझा किए।
फोन न होने से नहीं मिली जानकारी: दीपक
धमांदरी स्कूल के छात्र दीपक और कैलाश ने बताया कि उनके माता-पिता बिहार से आकर यहां मजदूरी करते हैं। कहा कि हमारे पास फोन न होने की वजह से स्कूल का समय बदलने की सूचना नहीं मिली। इसलिए हम पहले वाले समय पर ही स्कूल पहुंचे। कहा कि समय में हुए बदलाव की जानकारी अध्यापकों ने उन्हें दी। कहा कि इस फैसले से वे खुश हैं।
विज्ञापन
स्कूल खुलने के समय हों ऐसे फैसले: महेश कुमार
राजकीय प्राथमिक पाठशाला संझोट के मुख्याध्यापक महेश कुमार ने कहा कि विभाग को इस प्रकार के फैसले स्कूल खुलने के समय लेने चाहिए। कहा कि दो मई शाम को स्कूलों के समय में बदलाव होने ने उन्हें सभी अभिभावकों को फोन पर सूचित करना पड़ा। इसमें कई लोगों ने फोन नहीं उठाए। इससे बच्चों के साथ अध्यापकों को भी परेशानी हुई।
फोन न आता तो देरी से पहुंचती स्कूल: जश्नप्रीत
कक्षा पांचवीं की जश्नप्रीत का कहना है कि अगर स्कूल से मुख्याध्यापक का फोन न आता तो वह भी देरी से स्कूल पहुंचती। कहा कि दो मई को हुए इस बदलाव की जानकारी हमें नहीं थी। इस बीच मंगलवार को स्कूल से फोन आया और उन्होंने नए समय के बारे सूचना दी।
विज्ञापन
नारी/ऊना। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के बाद जिले में स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव कर दिया गया है। पहली से आठवीं कक्षाएं बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे लगीं। इस दौरान कुछ बच्चों को स्कूल खुलने के समय में बदलाव की जानकारी नहीं थी। इसकी वजह से वे देरी से स्कूल पहुंचे।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्राथमिक शिक्षा विभाग ने सोमवार शाम को स्कूलों का समय सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर 12:50 बजे तक कर दिया। आदेश जारी होने के वक्त स्कूलों में छुट्टी हो चुकी थी। बुधवार को ईद की छुट्टी होने के कारण फोन के माध्यम से अध्यापकों तक जानकारी पहुंच गई, लेकिन कई बच्चों तक यह सूचना नहीं पहुंची। इनमें से अधिकतर प्रवासी बच्चे थे। वे पुराने समय के अनुसार ही स्कूल पहुंचे। हालांकि बच्चों को स्कूल में नई समय सारिणी की जानकारी दी गई। इस बारे में कुछ अध्यापकों और बच्चों ने अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन
फोन न होने से नहीं मिली जानकारी: दीपक
धमांदरी स्कूल के छात्र दीपक और कैलाश ने बताया कि उनके माता-पिता बिहार से आकर यहां मजदूरी करते हैं। कहा कि हमारे पास फोन न होने की वजह से स्कूल का समय बदलने की सूचना नहीं मिली। इसलिए हम पहले वाले समय पर ही स्कूल पहुंचे। कहा कि समय में हुए बदलाव की जानकारी अध्यापकों ने उन्हें दी। कहा कि इस फैसले से वे खुश हैं।
विज्ञापन
स्कूल खुलने के समय हों ऐसे फैसले: महेश कुमार
राजकीय प्राथमिक पाठशाला संझोट के मुख्याध्यापक महेश कुमार ने कहा कि विभाग को इस प्रकार के फैसले स्कूल खुलने के समय लेने चाहिए। कहा कि दो मई शाम को स्कूलों के समय में बदलाव होने ने उन्हें सभी अभिभावकों को फोन पर सूचित करना पड़ा। इसमें कई लोगों ने फोन नहीं उठाए। इससे बच्चों के साथ अध्यापकों को भी परेशानी हुई।
फोन न आता तो देरी से पहुंचती स्कूल: जश्नप्रीत
कक्षा पांचवीं की जश्नप्रीत का कहना है कि अगर स्कूल से मुख्याध्यापक का फोन न आता तो वह भी देरी से स्कूल पहुंचती। कहा कि दो मई को हुए इस बदलाव की जानकारी हमें नहीं थी। इस बीच मंगलवार को स्कूल से फोन आया और उन्होंने नए समय के बारे सूचना दी।