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कॉमर्स प्रवक्ताओं को किया जाए नियमित
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
Updated Fri, 29 Jul 2016 11:30 PM IST
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हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ ने लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए है। संघ के जिला अध्यक्ष विकास रत्न, प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद बनियाल, प्रदेश प्रेस सचिव राजन शर्मा, मुख्य संरक्षक सोमपाल धीमान, प्रधानाचार्य धर्मपाल और महासचिव अजेंद्र जसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार कॉमर्स के स्कूल प्रवक्ताओं को जल्द नियमित करे। उन्हें बीएड से छूट प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रवक्ताओं की प्रथम नियुक्ति के दौरान बीएड की अनिवार्यता नहीं थी।
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संघ ने कहा कि प्रवक्ताओं के नियमित न होने के कारण समस्त प्रवक्ताओं में रोष है। वहीं, संघ ने पीजीटी पदनाम को समाप्त करके स्कूल प्रवक्ता पदनाम बहाल करने और राज्य सरकार से कर्मचारियों के लिए राज्य कर्मचारी भत्ता आयोग बनाने की मांग की है। अध्यक्ष विकास रत्न ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों में पूरी निष्ठा से प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी इस निष्ठा को विभिन्न प्रदेश सरकारों ने ठगा है। भत्तों के नाम पर मात्र कुछ रुपये हाथ में थमा दिए।
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इसके विपरीत पंजाब सरकार के कर्मचारी वेतन का 20 फीसदी भत्तों के रूप में ले रहे हैं, जबकि प्रदेश में यह वेतन का मात्र 3 फीसदी है। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतपाल वशिष्ठ, निर्मल सिंह राणा, कोषाध्यक्ष नीरज, सुदर्शन कौशल, दिनेश कौंडल, अटल कुमार, हंसराज, जतिंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। वीरवार को संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष विकास रत्न के नेतृत्व में हाल ही में उच्च शिक्ष उपनिदेशक का पद संभालने पर भूप सिंह का स्वागत किया।
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