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Una News: ओपीएस के मुद्दे को लेकर चुनावों में उतरेंगे दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनिल स्वदेशी
Sun, 07 Apr 2024 06:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 07 Apr 2024 06:48 AM IST
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बंगाणा (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में उत्पन्न राजनीतिक संकट से ओपीएस बहाली भी खतरे में दिख रही है। इसे सरकारी कर्मचारियों के कठिन प्रयास के बाद कांग्रेस सरकार ने बहाल किया है। यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अनिल स्वदेशी ने कही। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस की ओर से सुजानपुर से विधानसभा उप चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
हमीरपुर जिला से संबंध रखने वाले डॉ. अनिल स्वदेशी ने कहा कि वह जल्द ही राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष भी टिकट की मांग रखी है। उन्होंने बताया कि यदि कांग्रेस की टिकट मिलती है, तो वह इलेक्शन में उतरेंगे। मगर टिकट नहीं दी तो आजाद उम्मीदवार के रूप में भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद करने के लिए चुनावी मैदान में उतरेंगे।
गौर रहे कि डॉ अनिल स्वदेशी के शैक्षणिक सफर की शुरुआत उच्च स्कूल चबूतरा, जिला हमीरपुर से हुई। उच्च शिक्षा हालिस करने के बाद वह बंगाणा कॉलेज में बतौर प्रोफेसर भी सेवाएं दे चुके हैं। डॉ. अनिल स्वदेशी पिछले 20 वर्षों से दिल्ली यूनिवर्सिटी में इंग्लिश पढ़ा रहे हैं। वह कांगड़ी का व्याकरण और थीम्स ने कांगड़ी प्रेमगीत किताबें लिख चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरे देश में जागरूकता पैदा कर रहे हैं और पुरानी पेंशन बहाली के लिए वह अपना संघर्ष लगातार जारी रखेंगे। वह राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय सलाहकार हैं।
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हमीरपुर जिला से संबंध रखने वाले डॉ. अनिल स्वदेशी ने कहा कि वह जल्द ही राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष भी टिकट की मांग रखी है। उन्होंने बताया कि यदि कांग्रेस की टिकट मिलती है, तो वह इलेक्शन में उतरेंगे। मगर टिकट नहीं दी तो आजाद उम्मीदवार के रूप में भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद करने के लिए चुनावी मैदान में उतरेंगे।
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गौर रहे कि डॉ अनिल स्वदेशी के शैक्षणिक सफर की शुरुआत उच्च स्कूल चबूतरा, जिला हमीरपुर से हुई। उच्च शिक्षा हालिस करने के बाद वह बंगाणा कॉलेज में बतौर प्रोफेसर भी सेवाएं दे चुके हैं। डॉ. अनिल स्वदेशी पिछले 20 वर्षों से दिल्ली यूनिवर्सिटी में इंग्लिश पढ़ा रहे हैं। वह कांगड़ी का व्याकरण और थीम्स ने कांगड़ी प्रेमगीत किताबें लिख चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरे देश में जागरूकता पैदा कर रहे हैं और पुरानी पेंशन बहाली के लिए वह अपना संघर्ष लगातार जारी रखेंगे। वह राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय सलाहकार हैं।
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