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कोरोना से उद्योगों का उत्पादन 50 प्रतिशत तक हुआ प्रभावित
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टाहलीवाल (ऊना)। कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों का असर अब औद्योगिक इकाइयों पर पड़ने लगा है। कामगारों के संक्रमण की चपेट में आने से उद्योगों के उत्पादन में 20 से 50 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। कई उद्योगों में तो संक्रमण के एक साथ कई मामले आ जाने से उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।
जिले के टाहलीवाल व बाथू बाथड़ी इंडस्ट्रियल क्षेत्र में लगे कुछ उद्योग प्रबंधकों के अनुसार कोरोना की मार से उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। बीते सालों से उद्योग चलाने में कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही है।
पहले जीएसटी, तेल के बड़े दामों, महंगाई के कारण उद्योगों का काम प्रभावित हुआ। उसके बाद कोरोना महामारी की मार लगातार जारी है। प्रबंधकों का कहना है कि उद्योगों में काम करने वाले कामगार बड़ी संख्या में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कुछ उद्योगों का उत्पादन 20 से 50 प्रतिशत तक कम हो गया है।
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टाहलीवाल इंडस्ट्री एसोसिएशन के चेयरमैन राकेश कौशल ने बताया कि कोविड-19 की पहली लहर में सभी उद्योग और उनके कामगार बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे। अब स्थिति पहले से भिन्न है। प्रबंधन और कामगार जागरूकता के साथ काम रहे हैं। बावजूद इसके, औद्योगिक कामगारों के संक्रमण की चपेट में आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है।
फार्मा एवं कास्मेटिक उद्योग के प्रबंधकों ने बताया कि उनके यहां बीतें दिनों कई कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। इस वजह से उनका उत्पादन 50 फीसदी तक कम हो गया है। हालांकि, एक खाद्य पदार्थ कंपनी के प्रबंधकों ने बताया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी काम कर रहे हैं। पिछले दिन 30 के करीब कर्मचारी संक्रमित पाए गए। लेकिन, इससे कार्य प्रभावित नहीं हुआ। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डॉ. अंशुल धीमान ने बताया कि इस बार कोरोना संक्रमण से पहले की तरह उद्योग प्रभावित नहीं हुए हैं। कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर में हमनें देखा था कि कामगार अपने राज्यों में लौटने लगे थे। इस बार ऐसा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोग अभी ठीक होने के बाद दोबारा काम पर लौट रहे हैं।
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जिले के टाहलीवाल व बाथू बाथड़ी इंडस्ट्रियल क्षेत्र में लगे कुछ उद्योग प्रबंधकों के अनुसार कोरोना की मार से उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। बीते सालों से उद्योग चलाने में कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही है।
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पहले जीएसटी, तेल के बड़े दामों, महंगाई के कारण उद्योगों का काम प्रभावित हुआ। उसके बाद कोरोना महामारी की मार लगातार जारी है। प्रबंधकों का कहना है कि उद्योगों में काम करने वाले कामगार बड़ी संख्या में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कुछ उद्योगों का उत्पादन 20 से 50 प्रतिशत तक कम हो गया है।
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टाहलीवाल इंडस्ट्री एसोसिएशन के चेयरमैन राकेश कौशल ने बताया कि कोविड-19 की पहली लहर में सभी उद्योग और उनके कामगार बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे। अब स्थिति पहले से भिन्न है। प्रबंधन और कामगार जागरूकता के साथ काम रहे हैं। बावजूद इसके, औद्योगिक कामगारों के संक्रमण की चपेट में आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है।
फार्मा एवं कास्मेटिक उद्योग के प्रबंधकों ने बताया कि उनके यहां बीतें दिनों कई कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। इस वजह से उनका उत्पादन 50 फीसदी तक कम हो गया है। हालांकि, एक खाद्य पदार्थ कंपनी के प्रबंधकों ने बताया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी काम कर रहे हैं। पिछले दिन 30 के करीब कर्मचारी संक्रमित पाए गए। लेकिन, इससे कार्य प्रभावित नहीं हुआ। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डॉ. अंशुल धीमान ने बताया कि इस बार कोरोना संक्रमण से पहले की तरह उद्योग प्रभावित नहीं हुए हैं। कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर में हमनें देखा था कि कामगार अपने राज्यों में लौटने लगे थे। इस बार ऐसा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोग अभी ठीक होने के बाद दोबारा काम पर लौट रहे हैं।