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Una News: कहीं गड्ढे तो कहीं पेड़ बने रोड़ा, दस ग्रामीण रूटों पर नहीं दौड़ेंगी ई-बसें
Thu, 27 Aug 2026 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:27 AM IST
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ऊना। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक ई-बसों की पहुंच बढ़ाने की तैयारी को बरसात में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों ने झटका दे दिया है। एचआरटीसी प्रबंधन की रिपोर्ट में करीब दस ग्रामीण रूट ऐसे सामने आए हैं, जहां मौजूदा सड़क परिस्थितियों में ई-बसों का संचालन सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। कहीं सड़क किनारे कटाव से बड़े गड्ढे बन गए हैं तो कुछ मार्गों पर सड़क से सटे पेड़ बसों की आवाजाही में बाधा बन रहे हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त हिस्से भी संचालन में अड़चन बने हैं। निगम प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार, अंब मुद्रिका और बंगाणा मुद्रिका के करीब दस रूटों पर ई-बसें नहीं चलेंगी। इसमें ऊना-हरोल, ऊना-बंगाणा, ऊना-धमांदरी वाया नारी रूट की सड़कों पर ई-बस सेवा फिलहाल नहीं शुरू होगी।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने ई-बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में उतारने से पहले विभिन्न रूटों का ट्रायल करवाया। इस दौरान ई-बस के चालकों को ही ग्रामीण रूट पर पेश आ रही दिक्कतों को लेकर पूरी जानकारी प्रबंधन को मुहैया करवाने का कहा गया था। रिपोर्ट में सामने आया कि सामान्य बसों के मुकाबले ई-बसों के आकार और संचालन की तकनीकी जरूरतों के कारण संकरी और क्षतिग्रस्त सड़कों पर इन्हें चलाना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में चिह्नित रूटों पर सड़क की स्थिति सुधरने तक ई-बस सेवा शुरू नहीं की जाएगी। बरसात के दौरान कई जगह सड़क का किनारा टूटने से मार्ग की चौड़ाई कम हुई है। वहीं, सड़क के बिल्कुल साथ खड़े पेड़ों के कारण बड़े आकार की ई-बसों के गुजरने में परेशानी हो सकती है। कुछ स्थानों पर बाढ़ के पानी ने सड़क को नुकसान पहुंचाया है। प्रबंधन ने इन सभी बाधाओं को रिपोर्ट में दर्ज कर संबंधित स्तर पर सुधार की जरूरत बताई है।
एचआरटीसी ऊना डिपो के कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक राजेश जोशी ने बताया कि जिन ग्रामीण रूटों पर सड़क किनारे सटी बाड़ या पेड़ के कारण ई-बसों के संचालन में दिक्कत पेश आई है, निगम प्रंबधन ने अपने स्तर पर उन पंचायतों के प्रधानों से बात की है। इसमें निगम प्रबंधन ने सड़कों के किनारे सटी बाड़ को हटवाने को कहा गया है। इसके अलावा खस्ता हाल सड़कों और सड़क के साथ सटे पेड़ों की रिपोर्ट को जल्द ही लोक निर्माण विभाग को भेज दिया जाएगा।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने ई-बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में उतारने से पहले विभिन्न रूटों का ट्रायल करवाया। इस दौरान ई-बस के चालकों को ही ग्रामीण रूट पर पेश आ रही दिक्कतों को लेकर पूरी जानकारी प्रबंधन को मुहैया करवाने का कहा गया था। रिपोर्ट में सामने आया कि सामान्य बसों के मुकाबले ई-बसों के आकार और संचालन की तकनीकी जरूरतों के कारण संकरी और क्षतिग्रस्त सड़कों पर इन्हें चलाना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में चिह्नित रूटों पर सड़क की स्थिति सुधरने तक ई-बस सेवा शुरू नहीं की जाएगी। बरसात के दौरान कई जगह सड़क का किनारा टूटने से मार्ग की चौड़ाई कम हुई है। वहीं, सड़क के बिल्कुल साथ खड़े पेड़ों के कारण बड़े आकार की ई-बसों के गुजरने में परेशानी हो सकती है। कुछ स्थानों पर बाढ़ के पानी ने सड़क को नुकसान पहुंचाया है। प्रबंधन ने इन सभी बाधाओं को रिपोर्ट में दर्ज कर संबंधित स्तर पर सुधार की जरूरत बताई है।
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एचआरटीसी ऊना डिपो के कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक राजेश जोशी ने बताया कि जिन ग्रामीण रूटों पर सड़क किनारे सटी बाड़ या पेड़ के कारण ई-बसों के संचालन में दिक्कत पेश आई है, निगम प्रंबधन ने अपने स्तर पर उन पंचायतों के प्रधानों से बात की है। इसमें निगम प्रबंधन ने सड़कों के किनारे सटी बाड़ को हटवाने को कहा गया है। इसके अलावा खस्ता हाल सड़कों और सड़क के साथ सटे पेड़ों की रिपोर्ट को जल्द ही लोक निर्माण विभाग को भेज दिया जाएगा।
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