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Una News: आलू की बिजाई हुई महंगी
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चकसराय (ऊना)। इस बार आलू की बिजाई किसानों को पिछले वर्ष की अपेक्षा महंगी पड़ रही है। ट्रैक्टर से जुताई और बिजाई का किराया 300 से 100 रुपये बढ़कर 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
वहीं मजदूरी में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले 450 रुपये मजदूरी थी, जो अब 500 रुपये हो गई है। किसानों के अनुसार डीजल, बीज, खाद, दवाइयों और कृषि यंत्रों के दाम बढ़ने से पहले ही खेती की लागत बढ़ चुकी है।
अब ट्रैक्टर किराये और मजदूरी में बढ़ोतरी से आलू की उत्पादन लागत और बढ़ गई है। किसानों को उम्मीद है कि फसल तैयार होने पर मंडियों में उचित दाम मिलेंगे, जिससे बढ़ी लागत की भरपाई हो सके।
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बढ़ी परिचालन लागत, किराया बढ़ाना मजबूरी
डीजल, इंजन ऑयल, मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स महंगे होने से ट्रैक्टर चलाने का खर्च बढ़ गया है। किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालना उद्देश्य नहीं है लेकिन बढ़ती परिचालन लागत के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी है। प्रशासन को डीजल और कृषि उपकरणों पर राहत देनी चाहिए। -दिनेश कुमार, ट्रैक्टर चालक, चुरूड़ू
महंगाई से किसान-मजदूर दोनों प्रभावित
आलू की बिजाई, निराई और अन्य कृषि कार्यों में काफी मेहनत लगती है। महंगाई बढ़ने के कारण मजदूरी बढ़ानी पड़ी है। किसान और मजदूर दोनों ही बढ़ती महंगाई से प्रभावित हैं। सरकार को दोनों वर्गों के हित में कदम उठाने चाहिए। -राजेश कुमार, मजदूर, बड़ूही
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वहीं मजदूरी में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले 450 रुपये मजदूरी थी, जो अब 500 रुपये हो गई है। किसानों के अनुसार डीजल, बीज, खाद, दवाइयों और कृषि यंत्रों के दाम बढ़ने से पहले ही खेती की लागत बढ़ चुकी है।
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अब ट्रैक्टर किराये और मजदूरी में बढ़ोतरी से आलू की उत्पादन लागत और बढ़ गई है। किसानों को उम्मीद है कि फसल तैयार होने पर मंडियों में उचित दाम मिलेंगे, जिससे बढ़ी लागत की भरपाई हो सके।
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बढ़ी परिचालन लागत, किराया बढ़ाना मजबूरी
डीजल, इंजन ऑयल, मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स महंगे होने से ट्रैक्टर चलाने का खर्च बढ़ गया है। किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालना उद्देश्य नहीं है लेकिन बढ़ती परिचालन लागत के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी है। प्रशासन को डीजल और कृषि उपकरणों पर राहत देनी चाहिए। -दिनेश कुमार, ट्रैक्टर चालक, चुरूड़ू
महंगाई से किसान-मजदूर दोनों प्रभावित
आलू की बिजाई, निराई और अन्य कृषि कार्यों में काफी मेहनत लगती है। महंगाई बढ़ने के कारण मजदूरी बढ़ानी पड़ी है। किसान और मजदूर दोनों ही बढ़ती महंगाई से प्रभावित हैं। सरकार को दोनों वर्गों के हित में कदम उठाने चाहिए। -राजेश कुमार, मजदूर, बड़ूही