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Una News: आलू की बिजाई के लिए नहीं मिल रही प्लांटर मशीन और मजदूर

Mon, 15 Sep 2025 05:44 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 15 Sep 2025 05:44 AM IST
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Planter machine and labourers are not available for sowing potatoes
किसान परेशान, सुबह से खेतों में डाल रहे डेरा, नहीं मिल रहे बिजाई के उपकरण
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पल-पल बदलता मौसम भी बढ़ा रहा किसानों की दिक्कतें

संवाद न्यूज एजेंसी

चक्कसराय (ऊना)। बंगाणा उपमंडल की जोल उपतहसील क्षेत्र में इन दिनों आलू की बिजाई का काम जोरों पर है। ऐसे में पल-पल बदलते मौसम और साधनों की कमी ने किसानों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। रविवार सुबह से ही मौसम कभी धूप तो कभी बारिश के रूप में किसानों की परीक्षा लेता रहा। कई किसान सुबह से ही खेतों में डेरा डाले बैठे रहे मगर उन्हें आलू की बिजाई के लिए प्लांटर मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई।
मजबूरी में किसानों ने खेतों में आलू का बीज ढेर लगाकर रखा और तिरपालों से ढककर सुरक्षित करने की कोशिश की।ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर बिजाई पूरी न हुई तो आलू की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आलू बिजाई के सीजन में प्लांटर मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाए, ताकि उनकी मेहनत और पूंजी दोनों सुरक्षित रह सकें। इस संबंध में उपनिदेशक कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि प्लांटर उपकरण जिले में अधिकतर बड़े किसानों के पास है। वर्तमान में बड़े किसान स्वयं बिजाई में व्यस्त हैं। संभव है इसी वजह से इसकी दिक्कत पेश आ रही। आने वाले कुछ दिनों में इसकी उपलब्धता सुगम हो पाएगी।
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बाक्स
आलू बीज के दाम बढ़ने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। एक तरफ मशीन नहीं मिल रही। दूसरी तरफ बीज महंगा होने से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। -जोगिंदर सिंह, किसान
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उन्होंने ऊना तक जाकर प्लांटर मशीन ढूंढी, लेकिन कोई भी मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी। अब मजदूर भी आसानी से नहीं मिल रहे। ऐसे में मजबूरी में उन्हें हाथों से ही आलू की बिजाई करनी पड़ सकती है।- अशोक कुमार, किसान

मौसम की अनिश्चितता सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। कभी धूप तो कभी बारिश से खेत सूखते ही नहीं, ऊपर से मशीन और मजदूरों का अभाव ऐसे में बिजाई समय पर पूरी करना मुश्किल होता जा रहा है। - फरयाद मोहम्मद, किसान
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