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Una News: फार्मास्यूटिकल्स कंपनी में तालाबंदी, पुलिस तैनात, कामगारों का प्रदर्शन
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टाहलीवाल में उघोग के बाहर प्रदर्शन करते हुए कामगर व अन्य।संवाद
एचआर प्रबंधक ने बातों को किया अनसुना, स्थिति बनी तनावपूर्ण
उद्योग प्रबंधन और कामगारों के बीच वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर चल रहा तनाव
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिले कामगार, हस्तक्षेप का मिला आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। मिडास केयर फार्मास्यूटिकल्स में प्रबंधन ने तालाबंदी कर दी और पुलिस बल तैनात कर दिया। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं। इससे कामगारों और प्रबंधन के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। कामगारों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह उद्योग प्रबंधन ने गेट पर नोटिस चिपका कर तालाबंदी कर दी और कामगारों को प्रवेश से रोक दिया। इसके बाद कामगारों ने जिला इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर और ग्राम पंचायत प्रधान सुरेखा राणा को बुलाकर हालात की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने उद्योग के एचआर प्रबंधक वरिंद्र शर्मा से बातचीत कर मामला सुलझाने और कामगारों को अंदर प्रवेश देने का आग्रह किया। लेकिन, एचआर प्रबंधक ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इस समय उद्योग में 56 कामगार कार्यरत हैं, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ वर्ष पहले इस उद्योग में 250 के लगभग कामगार कार्य करते थे लेकिन पिछले पांच वर्षों से सालाना वेतन वृद्धि नहीं की गई। धीरे-धीरे कामगार अन्य उद्योगों में जाने के लिए मजबूर हुए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गांव बाथू में आयोजित कार्यक्रम में सभी कामगार एकत्रित हुए और अपनी समस्या उनके सामने रखी। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप का आश्वासन दिया। इस दौरान उद्योग प्रबंधन ने यूनियन अध्यक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसे कामगारों ने पूरी तरह से निराधार बताया। समाजसेवी अमित दोधी ने मौके पर पहुंचकर कामगारों का समर्थन किया और प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि समस्या जल्द नहीं सुलझाई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कामगार यूनियन ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। इस दौरान जिला रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। मामले को लेकर लेबर इंस्पेक्टर नवीन कुमार को कई बार मोबाइल के माध्यम से संपर्क करना चाहा लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। यूनियन प्रधान खुशहाल सिंह, महासचिव विजय राणा, परमजीत कुमार, अश्विनी कुमार समेत अन्य कई कामगार इस आंदोलन में शामिल हैं। कामगार चाहते हैं कि प्रबंधन वार्षिक वेतन वृद्धि और सुविधाओं का मुद्दा तुरंत हल करे और तालाबंदी को खत्म कर कामगारों को काम पर वापस बुलाए। पिछले काफी समय से उद्योग प्रबंधन और कामगारों के बीच वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर तनाव चल रहा है।
जिला श्रम अधिकारी ऊना अक्षय कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता करने के लिए एक वार्ता की गई। इसमें दोनों पक्षों की बातों को सुना और आगे का फैसला उद्योग की मालिक का है, जो मुंबई में है। बुधवार दोपहर 2 बजे तक अपना फैसला बताएंगे।
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उद्योग के एचआर मैनेजर वरिंदर शर्मा का कहना है कि कामगारों की ओर से अनुशासनहीनता किए जाने की सूरत में उद्योग प्रबंधन ने गेट पर नोटिस चिपका कर तालाबंदी कर दी और कामगारों को प्रवेश से रोक दिया।
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उद्योग प्रबंधन और कामगारों के बीच वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर चल रहा तनाव
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिले कामगार, हस्तक्षेप का मिला आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। मिडास केयर फार्मास्यूटिकल्स में प्रबंधन ने तालाबंदी कर दी और पुलिस बल तैनात कर दिया। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं। इससे कामगारों और प्रबंधन के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। कामगारों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह उद्योग प्रबंधन ने गेट पर नोटिस चिपका कर तालाबंदी कर दी और कामगारों को प्रवेश से रोक दिया। इसके बाद कामगारों ने जिला इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर और ग्राम पंचायत प्रधान सुरेखा राणा को बुलाकर हालात की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने उद्योग के एचआर प्रबंधक वरिंद्र शर्मा से बातचीत कर मामला सुलझाने और कामगारों को अंदर प्रवेश देने का आग्रह किया। लेकिन, एचआर प्रबंधक ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इस समय उद्योग में 56 कामगार कार्यरत हैं, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ वर्ष पहले इस उद्योग में 250 के लगभग कामगार कार्य करते थे लेकिन पिछले पांच वर्षों से सालाना वेतन वृद्धि नहीं की गई। धीरे-धीरे कामगार अन्य उद्योगों में जाने के लिए मजबूर हुए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गांव बाथू में आयोजित कार्यक्रम में सभी कामगार एकत्रित हुए और अपनी समस्या उनके सामने रखी। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप का आश्वासन दिया। इस दौरान उद्योग प्रबंधन ने यूनियन अध्यक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसे कामगारों ने पूरी तरह से निराधार बताया। समाजसेवी अमित दोधी ने मौके पर पहुंचकर कामगारों का समर्थन किया और प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि समस्या जल्द नहीं सुलझाई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कामगार यूनियन ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। इस दौरान जिला रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। मामले को लेकर लेबर इंस्पेक्टर नवीन कुमार को कई बार मोबाइल के माध्यम से संपर्क करना चाहा लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। यूनियन प्रधान खुशहाल सिंह, महासचिव विजय राणा, परमजीत कुमार, अश्विनी कुमार समेत अन्य कई कामगार इस आंदोलन में शामिल हैं। कामगार चाहते हैं कि प्रबंधन वार्षिक वेतन वृद्धि और सुविधाओं का मुद्दा तुरंत हल करे और तालाबंदी को खत्म कर कामगारों को काम पर वापस बुलाए। पिछले काफी समय से उद्योग प्रबंधन और कामगारों के बीच वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर तनाव चल रहा है।
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जिला श्रम अधिकारी ऊना अक्षय कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता करने के लिए एक वार्ता की गई। इसमें दोनों पक्षों की बातों को सुना और आगे का फैसला उद्योग की मालिक का है, जो मुंबई में है। बुधवार दोपहर 2 बजे तक अपना फैसला बताएंगे।
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उद्योग के एचआर मैनेजर वरिंदर शर्मा का कहना है कि कामगारों की ओर से अनुशासनहीनता किए जाने की सूरत में उद्योग प्रबंधन ने गेट पर नोटिस चिपका कर तालाबंदी कर दी और कामगारों को प्रवेश से रोक दिया।