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बंगाणा में सूखे खैर के पेड़ों के कटान की मिले अनुमति : कर्मचारी
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समीक्षा बैठक में कर्मचारी बोले- स्टाफ न होने से कटान में हो रही देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। बंगाणा उपमंडल में प्राकृतिक आपदा के बाद कई जगह वन भूमि में खैर के पेड़ सूख गए हैं। इस स्थिति में नुकसान रोकने के लिए समय पर कटान की अनुमति देने की मांग उठी है। यह मुद्दा रामनगर वन परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्र अधिकारी संदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में उठा।
बैठक में वर्ष 2025-26 के तहत चल रहे खैर कटान कार्यों की समीक्षा की गई। कर्मचारियों ने बताया कि स्टाफ की कमी से निरीक्षण व कार्य निष्पादन प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति कटान करने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि कुदरती मार से फसल को नुकसान के बाद लोग मलकीयत भूमि से खैर कटान की अनुमति चाहते हैं ताकि ऋण किस्तें चुकाई जा सकें। विभाग ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है और निर्णय जल्द आने की उम्मीद है। जिला वन अधिकारी सुशील राणा ने कहा कि खैर कटान पर रोक लगाई गई थी। स्थानीय लोगों ने अवैध कटान रोकने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। बंगाणा उपमंडल में प्राकृतिक आपदा के बाद कई जगह वन भूमि में खैर के पेड़ सूख गए हैं। इस स्थिति में नुकसान रोकने के लिए समय पर कटान की अनुमति देने की मांग उठी है। यह मुद्दा रामनगर वन परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्र अधिकारी संदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में उठा।
बैठक में वर्ष 2025-26 के तहत चल रहे खैर कटान कार्यों की समीक्षा की गई। कर्मचारियों ने बताया कि स्टाफ की कमी से निरीक्षण व कार्य निष्पादन प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति कटान करने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि कुदरती मार से फसल को नुकसान के बाद लोग मलकीयत भूमि से खैर कटान की अनुमति चाहते हैं ताकि ऋण किस्तें चुकाई जा सकें। विभाग ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है और निर्णय जल्द आने की उम्मीद है। जिला वन अधिकारी सुशील राणा ने कहा कि खैर कटान पर रोक लगाई गई थी। स्थानीय लोगों ने अवैध कटान रोकने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
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