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पहली से आठवीं तक ऑफलाइन कक्षाओं का निर्णय सराहा

Tue, 15 Feb 2022 12:20 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 12:20 AM IST
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people of the nari una welcome the decision of govt to opening the school of all classes
नारी (ऊना)। कोरोना महामारी के कारण बंद स्कूल अब छोटी कक्षाओं के लिए खुलने जा रहे हैं। एक सप्ताह पहले सरकार ने नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं को नियमित रूप से लगाने के आदेश दिए।
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इसके बाद सोमवार को कैबिनेट बैठक में पहली से आठवीं तक के बच्चों को भी नियमित रूप से कक्षाओं में पढ़ाने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट के इस फैसले पर अभिभावकों ने अपनी मिलीजुली प्रतिक्रिया इस प्रकार दी।
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छोटे बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने का स्वागत : विश्व
अभिभावक विश्व कुमार ने छोटी कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने के फैसले को सराहनीय कदम बताया। कहा कि नौवीं से 12वीं तक की नियमित कक्षाएं ठीक चल रही हैं। कहा कि कक्षा प्रथम से आठवीं तक के बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने का फैसला स्वागत योग्य है। अब इन कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं आने वाली हैं। अध्यापकों की उपस्थिति में होने से बच्चों की कमियों का पता लगेगा।
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कोविड-19 गाइडलाइंस का करना होगा पालन: राजेंद्र
राजेंद्र कुमार का कहना है कि डेढ़ माह बाद पहली से आठवीं की कक्षाएं नियमित रूप से लगाने का सरकार का फैसला ठीक है। इससे स्कूल स्टाफ की जिम्मेदारी दोगुनी हो गई है। कहा कि बच्चों से कोरोना गाइडलाइंस का पालन करवाने के लिए कड़ी नजर और मेहनत करनी होगी। कहा कि छोटे बच्चों से कोरोना एसओपी का पालना करवाना एक चुनौती रहेगा।
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छोटे बच्चों की चिंता अधिक: अमन
अभिभावक अमन कुमार का कहना है कि पहली से आठवीं तक के बच्चों की स्कूलों में नियमित पढ़ाई कराने का सरकार का फैसला सही है। कक्षा प्रथम से चौथी तक के बच्चों ने अभी परीक्षा ही देनी है। यदि इन बच्चों को आगे नए सेशन में ही पढ़ाया जाता तो ज्यादा बेहतर होता। अभिभावकों को छोटे बच्चों की अधिक चिंता है।

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बच्चों की परीक्षाएं ऑनलाइन लेना बेहतर: सुभाष
अभिभावक सुभाष शर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों की परीक्षाएं होना बाकी हैं। इन परीक्षाओं को ऑनलाइन लेना ही सही रहेगा। क्योंकि छोटे बच्चे से नियमों का पालन करवाना मुश्किल काम है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उचित कदम जरूरी है। इस वर्ग का अभी कोविड टीकाकरण भी नहीं हुआ है।
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