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Una News: बाहर से आने वाले लोग परेशान, ऑटो चालक वसूल रहे अपने हिसाब से दाम
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ऊना बस स्टैंड़ में खडे ऑटो।संवाद
ऊना। शहर में ऑटो स्टैंड पर किराया सूची न होने के कारण सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक कितना किराया है इसका पता आमजन को कैसे लगेगा इसकी कोई व्यवस्था ऑटो स्टैंड पर नहीं है। ऑटो चालक अपने हिसाब से लोगों से किराया वसूल रहे हैं। शहर में तीन स्थानों पर ऑटो स्टैंड हैं। हैरानी तो इस बात की है कि यह ऑटो स्टैंड खुद ऑटो संचालकों ने ही तय किए हैं। इन तीनों स्टैंड पर किराया सूची नहीं लगाई गई है।
शहर में आमजन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में ऑटो की अहम भूमिका होती है। यह ऑटो अधिकतर क्षेत्रीय अस्पताल और रेलवे स्टेशन के लिए चलते हैं। इसके अलावा रक्कड़ कॉलोनी, हिल व्यू कॉलोनी झलेड़ा, ऊना कॉलेज के लिए भी ऑटो संचालन होता है। ऐसे में प्रशासन एवं संबंधित विभाग इस मामले पर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे है। बता दें कि शहर में ऑटो का संचालन करीब दो दशक से भी ज्यादा से हो रहा है। ऐसे में शहर में ऑटो के किराए तय करने से लेकर ऑटो स्टैंड पर किराया सूची दर्शाने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अब सवाल यह खड़ा होता है कि प्रशासन की तरफ से इसके लिए कोई मानक या नियम क्यों तय नहीं किए जा रहे हैं। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में इसके लिए नियम तय कर प्रशासन इसकी निगरानी करता है। दूसरी तरफ ऑटो में अधिक सवारियां ढोने का सिलसिला भी जारी है। अधिक पैसा कमाने की होड़ में चालक अधिक लोगों को बैठा रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से ऑटो में चार लोगों से अधिक बैठाने पर चालान काटने का प्रावधान है, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने के कारण चालक अधिक लोगों को बैठा कर सफर कर रहे हैं। इससे अनहोनी घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
इस मामले पर ऑटो रिक्शा यूनियन को निर्देश जारी किए जाएंगे। अगर नियमों की अनदेखी होती है तो विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
-अशोक कुमार, आरटीओ ऊना
ऑटो रिक्शा की किराया सूची तय करने का कार्य परिवहन विभाग का है। अगर मनमाने दाम वसूलने एवं नियमों को अनदेखा करने की शिकायत मिलेगी तो उस पर प्रशासन भी कार्रवाई करेगा।
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-महेंद्र पाल गुर्जर, अतिरिक्त उपायुक्त ऊना
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शहर में आमजन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में ऑटो की अहम भूमिका होती है। यह ऑटो अधिकतर क्षेत्रीय अस्पताल और रेलवे स्टेशन के लिए चलते हैं। इसके अलावा रक्कड़ कॉलोनी, हिल व्यू कॉलोनी झलेड़ा, ऊना कॉलेज के लिए भी ऑटो संचालन होता है। ऐसे में प्रशासन एवं संबंधित विभाग इस मामले पर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे है। बता दें कि शहर में ऑटो का संचालन करीब दो दशक से भी ज्यादा से हो रहा है। ऐसे में शहर में ऑटो के किराए तय करने से लेकर ऑटो स्टैंड पर किराया सूची दर्शाने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अब सवाल यह खड़ा होता है कि प्रशासन की तरफ से इसके लिए कोई मानक या नियम क्यों तय नहीं किए जा रहे हैं। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में इसके लिए नियम तय कर प्रशासन इसकी निगरानी करता है। दूसरी तरफ ऑटो में अधिक सवारियां ढोने का सिलसिला भी जारी है। अधिक पैसा कमाने की होड़ में चालक अधिक लोगों को बैठा रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से ऑटो में चार लोगों से अधिक बैठाने पर चालान काटने का प्रावधान है, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने के कारण चालक अधिक लोगों को बैठा कर सफर कर रहे हैं। इससे अनहोनी घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
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इस मामले पर ऑटो रिक्शा यूनियन को निर्देश जारी किए जाएंगे। अगर नियमों की अनदेखी होती है तो विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
-अशोक कुमार, आरटीओ ऊना
ऑटो रिक्शा की किराया सूची तय करने का कार्य परिवहन विभाग का है। अगर मनमाने दाम वसूलने एवं नियमों को अनदेखा करने की शिकायत मिलेगी तो उस पर प्रशासन भी कार्रवाई करेगा।
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-महेंद्र पाल गुर्जर, अतिरिक्त उपायुक्त ऊना