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Una News: चार्जिंग स्टेशन के पास कचरे का ढेर सुरक्षा पर उठा रहा सवाल
Mon, 21 Sep 2026 10:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:26 AM IST
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ऊना। जिस जगह से शहर की करोंड़ों की ई-बसों को नई ऊर्जा मिल रही है, वहीं चार्जिंग स्टेशन के पास लगा कचरे का ढेर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। आईएसबीटी ऊना परिसर में ई-बस चार्जिंग स्टेशन के साथ ही कचरा जमा है।
इसी स्थान पर चार्जिंग व्यवस्था के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है और ई-बसें इसके बिलकुल पास खड़ीं होकर चार्ज होती हैं। ऐसे में विद्युत उपकरणों के नजदीक पड़ा सूखा कचरा संभावित हादसे का कारण बन सकता है।
आईएसबीटी परिसर के रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी निजी कंपनी के पास है। इसके बावजूद चार्जिंग स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान के पास कचरे का ढेर लगा होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। सफाई की जिम्मेदारी को लेकर निजी कंपनी और एचआरटीसी प्रबंधन एक-दूसरे की ओर जिम्मेदारी बता रहे हैं।
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चार्जिंग स्टेशन के लिए लगाए गए उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर के आसपास सूखा कचरा जमा है। तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या विद्युत चिंगारी की स्थिति में सूखा या ज्वलनशील कचरा आग पकड़ सकता है। आग ट्रांसफार्मर या चार्जिंग उपकरण तक पहुंचने पर नुकसान बढ़ने की आशंका रहेगी।
करोड़ों की बसें, सुरक्षा पर सवाल
करोड़ों रुपये की ई-बसों की सुरक्षा को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। ई-चार्जिंग स्टेशन के पास उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा है और उसके नीचे सटा सूखे कचरे का ढेर पूरी तरह गलत है। ऐसी स्थिति में कभी गंभीर हादसा हो सकता है। -सतपाल शर्मा, महासचिव, पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संघ
सुरक्षा की दृष्टि से ट्रांसफार्मर के पास सूखे कचरे का ढेर होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। ई-बसों की सुरक्षा को देखते हुए कचरे के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। -राजेश शर्मा, स्थानीय निवासी
इसकी जानकारी मिली है। आईएसबीटी परिसर का रखरखाव और साफ-सफाई व्यवस्था देख रही एमआरसी कंपनी प्रबंधन को चार्जिंग स्टेशन के पास कचरे का ढेर हटाने के लिए कह दिया जाएगा। -अजय वर्मा, उपाध्यक्ष, एचआरटीसी
इस स्थान पर पहले से बस अड्डे का कूड़ा-कचरा एकत्र किया जाता रहा है। एचआरटीसी ने कुछ महीने पहले ही यहां चार्जिंग स्टेशन बनाया है। फिलहाल हमारे पास कोई अन्य स्थान उपलब्ध नहीं है, जहां कूड़ा-कचरा एकत्र किया जा सके। -परवेश शर्मा, प्रबंधक, एमआरसी
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इसी स्थान पर चार्जिंग व्यवस्था के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है और ई-बसें इसके बिलकुल पास खड़ीं होकर चार्ज होती हैं। ऐसे में विद्युत उपकरणों के नजदीक पड़ा सूखा कचरा संभावित हादसे का कारण बन सकता है।
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आईएसबीटी परिसर के रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी निजी कंपनी के पास है। इसके बावजूद चार्जिंग स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान के पास कचरे का ढेर लगा होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। सफाई की जिम्मेदारी को लेकर निजी कंपनी और एचआरटीसी प्रबंधन एक-दूसरे की ओर जिम्मेदारी बता रहे हैं।
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चार्जिंग स्टेशन के लिए लगाए गए उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर के आसपास सूखा कचरा जमा है। तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या विद्युत चिंगारी की स्थिति में सूखा या ज्वलनशील कचरा आग पकड़ सकता है। आग ट्रांसफार्मर या चार्जिंग उपकरण तक पहुंचने पर नुकसान बढ़ने की आशंका रहेगी।
करोड़ों की बसें, सुरक्षा पर सवाल
करोड़ों रुपये की ई-बसों की सुरक्षा को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। ई-चार्जिंग स्टेशन के पास उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा है और उसके नीचे सटा सूखे कचरे का ढेर पूरी तरह गलत है। ऐसी स्थिति में कभी गंभीर हादसा हो सकता है। -सतपाल शर्मा, महासचिव, पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संघ
सुरक्षा की दृष्टि से ट्रांसफार्मर के पास सूखे कचरे का ढेर होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। ई-बसों की सुरक्षा को देखते हुए कचरे के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। -राजेश शर्मा, स्थानीय निवासी
इसकी जानकारी मिली है। आईएसबीटी परिसर का रखरखाव और साफ-सफाई व्यवस्था देख रही एमआरसी कंपनी प्रबंधन को चार्जिंग स्टेशन के पास कचरे का ढेर हटाने के लिए कह दिया जाएगा। -अजय वर्मा, उपाध्यक्ष, एचआरटीसी
इस स्थान पर पहले से बस अड्डे का कूड़ा-कचरा एकत्र किया जाता रहा है। एचआरटीसी ने कुछ महीने पहले ही यहां चार्जिंग स्टेशन बनाया है। फिलहाल हमारे पास कोई अन्य स्थान उपलब्ध नहीं है, जहां कूड़ा-कचरा एकत्र किया जा सके। -परवेश शर्मा, प्रबंधक, एमआरसी