{"_id":"69e2865bfccd7f0bdd0d07cf","slug":"pensioners-angry-over-non-release-of-da-will-participate-in-protest-rally-una-news-c-93-1-una1017-188504-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: डीए जारी न होने पर पेंशनर्स में रोष, आक्रोश रैली में लेंगे भाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: डीए जारी न होने पर पेंशनर्स में रोष, आक्रोश रैली में लेंगे भाग
Sat, 18 Apr 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
ऊना में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में मौदूद सदस्य ।संवाद
ऊना। प्रदेश में लंबित महंगाई भत्ते (डीए) की किस्तें जारी न होने से पेंशनर्स में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ऊना सिटी यूनिट की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई जिसमें सरकार के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई गई। पेंशनर्स ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द डीए की बकाया किस्तें जारी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता यूनिट अध्यक्ष मेहर सिंह चंदेल ने की जबकि जिला अध्यक्ष एचएस राणा विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में उपस्थित पेंशनर्स ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आजीविका का मुख्य आधार पेंशन ही है। ऐसे में डीए की किस्तें लंबित रहने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनर्स ने आरोप लगाया कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के लाखों रुपये सरकार के पास अटके हुए हैं लेकिन उन्हें जारी करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही। उदाहरण देते हुए बताया कि एक सेवानिवृत्त चिकित्सक के करीब 72 लाख रुपये तक बकाया हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय आक्रोश रैली में ऊना शहरी यूनिट के पेंशनर्स बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। इसके अलावा संगठन ने अक्तूबर माह में प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया। पेंशनर्स नेताओं ने कहा कि डीए की किस्तें जारी करना उनका अधिकार है और यह उनकी बुनियादी जरूरतों से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए अन्यथा पेंशनर्स को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में उपस्थित पेंशनर्स ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आजीविका का मुख्य आधार पेंशन ही है। ऐसे में डीए की किस्तें लंबित रहने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनर्स ने आरोप लगाया कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के लाखों रुपये सरकार के पास अटके हुए हैं लेकिन उन्हें जारी करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही। उदाहरण देते हुए बताया कि एक सेवानिवृत्त चिकित्सक के करीब 72 लाख रुपये तक बकाया हैं।
विज्ञापन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय आक्रोश रैली में ऊना शहरी यूनिट के पेंशनर्स बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। इसके अलावा संगठन ने अक्तूबर माह में प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया। पेंशनर्स नेताओं ने कहा कि डीए की किस्तें जारी करना उनका अधिकार है और यह उनकी बुनियादी जरूरतों से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए अन्यथा पेंशनर्स को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विज्ञापन