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Una News: यूरोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से निजी अस्पतालों में लुट रहे मरीज
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जिले के सबसे बड़े अस्पताल ऊना में भी नहीं है विशेषज्ञ की तैनाती
वरिष्ठ नागरिक फोरम भी कई बार उठा चुका है मामला
मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ में जाकर उपचार करवाने की दी जा रही सलाह
बुजुर्ग मरीजों को हो रही अधिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश की सरकारों ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बड़े-बड़े भवनों का निर्माण किया है लेकिन इनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में लुटना पड़ रहा है। वहीं, पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। सरकार के समक्ष कई बार इन मांगों को उठाया गया है लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कुछ नहीं हो पा रहा है।
जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में यूरोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर कई बार मांग उठाई गई है। इस मांग को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना ने सरकार व विभाग से अस्पताल में यूरोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर मांग उठाई है। फोरम के अध्यक्ष जीआर वर्मा ने कहा कि यूरोलॉजिस्ट की सबसे अधिक जरूरत बुजुर्गों को पड़ती है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल से इस प्रकार के मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ में जाकर उपचार करवाने की सलाह दी जाती है। बुजुर्ग मरीजों को चंडीगढ़ आना-जाना किसी चुनौती से कम नहीं रहता है। इसके अलावा मरीज को फिर मजबूरी में जिले के साथ सटे पंजाब राज्य के निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। फोरम ने मांग उठाई है कि समय के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी सुविधाओं में विस्तार करना चाहिए ताकि आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने घर के नजदीक ही मिल सकें। इस मांग को लेकर अस्पताल प्रबंधन की तरफ से भी कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन आश्वासन के अलावा अभी तक धरातल पर कुछ नहीं हो पाया है। ऐसे में आम जन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट्स
यूरोलॉजिस्ट की तैनाती की सुविधा फिलहाल मेडिकल कॉलेज में ही मिलती है। हालांकि, इस मांग को भी उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है। आगामी फैसला उच्च अधिकारियों के स्तर पर ही किया जाएगा।
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डॉ संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना।
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वरिष्ठ नागरिक फोरम भी कई बार उठा चुका है मामला
मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ में जाकर उपचार करवाने की दी जा रही सलाह
बुजुर्ग मरीजों को हो रही अधिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश की सरकारों ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बड़े-बड़े भवनों का निर्माण किया है लेकिन इनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में लुटना पड़ रहा है। वहीं, पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। सरकार के समक्ष कई बार इन मांगों को उठाया गया है लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कुछ नहीं हो पा रहा है।
जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में यूरोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर कई बार मांग उठाई गई है। इस मांग को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना ने सरकार व विभाग से अस्पताल में यूरोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर मांग उठाई है। फोरम के अध्यक्ष जीआर वर्मा ने कहा कि यूरोलॉजिस्ट की सबसे अधिक जरूरत बुजुर्गों को पड़ती है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल से इस प्रकार के मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ में जाकर उपचार करवाने की सलाह दी जाती है। बुजुर्ग मरीजों को चंडीगढ़ आना-जाना किसी चुनौती से कम नहीं रहता है। इसके अलावा मरीज को फिर मजबूरी में जिले के साथ सटे पंजाब राज्य के निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। फोरम ने मांग उठाई है कि समय के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी सुविधाओं में विस्तार करना चाहिए ताकि आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने घर के नजदीक ही मिल सकें। इस मांग को लेकर अस्पताल प्रबंधन की तरफ से भी कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन आश्वासन के अलावा अभी तक धरातल पर कुछ नहीं हो पाया है। ऐसे में आम जन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कोट्स
यूरोलॉजिस्ट की तैनाती की सुविधा फिलहाल मेडिकल कॉलेज में ही मिलती है। हालांकि, इस मांग को भी उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है। आगामी फैसला उच्च अधिकारियों के स्तर पर ही किया जाएगा।
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डॉ संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना।