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Una News: स्कूलों में बरसात में छुट्टियां न करने पर भड़के अभिभावक
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बोले, बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित, गर्मी की छुट्टियों के बाद लगातार बंद रह रहे स्कूल
मांग : पहले की तरह बरसात में की जाएं छुट्टियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना जिले में गर्मी की छुट्टियों के बाद अब लगातार भारी बरसात के कारण स्कूलों में छुट्टियां घोषित हो रही हैं। अभिभावकों ने इस पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि जिले के मौसम को देखते हुए छुट्टियां बरसात के मौसम में ही घोषित की जानी चाहिए। पहले यही व्यवस्था लागू थी, लेकिन अब सरकार और शिक्षा निदेशालय ने इसे बदल दिया है। उनका कहना है कि गर्मियों में एक माह की छुट्टियों के बाद बरसात में भी हर सप्ताह दो से तीन दिन स्कूल बंद हो रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। वहीं, उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि स्कूलों में छुट्टियों से संबंधी निर्णय सरकार और निदेशालय स्तर पर लिए जाते हैं। भविष्य में यदि इस नीति में कोई बदलाव होता है तो उसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
बरसात के समय ही छुट्टियां रखना सही होगा, क्योंकि इस दौरान कई स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में बच्चों को कक्षाओं में बैठाना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में उतनी परेशानी नहीं होती, जितनी बरसात में झेलनी पड़ती है। -अभिभावक नीलम देवी
रोजाना बच्चों को जोखिम में डालना संभव नहीं है। कई बार तो मजबूरी में माता-पिता को ही बच्चों को स्कूल भेजने से रोकना पड़ता है। जबकि ऐसी स्थिति गर्मियों में नहीं आती। उन्होंने मांग की कि सरकार और शिक्षा निदेशालय को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। -राजेश कुमार
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प्रदेश के अधिकांश जिलों में आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में गर्मियों की छुट्टियों का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया प्रतीत होता है। परिणामस्वरूप पिछले तीन माह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि निजी स्कूल फीस पूरी वसूल रहे हैं। -रोहित कुमार
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए गर्मियों के बजाय बरसात में छुट्टियां तय करना अधिक उपयुक्त रहेगा। बरसात में बच्चों के साथ अध्यापकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कई बार स्कूल पहुंचना तक संभव नहीं होता। सरकार को इस मामले पर निश्चित रूप से ठोस निर्णय लेना चाहिए। -जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान राकेश चंद्र शर्मा
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मांग : पहले की तरह बरसात में की जाएं छुट्टियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना जिले में गर्मी की छुट्टियों के बाद अब लगातार भारी बरसात के कारण स्कूलों में छुट्टियां घोषित हो रही हैं। अभिभावकों ने इस पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि जिले के मौसम को देखते हुए छुट्टियां बरसात के मौसम में ही घोषित की जानी चाहिए। पहले यही व्यवस्था लागू थी, लेकिन अब सरकार और शिक्षा निदेशालय ने इसे बदल दिया है। उनका कहना है कि गर्मियों में एक माह की छुट्टियों के बाद बरसात में भी हर सप्ताह दो से तीन दिन स्कूल बंद हो रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। वहीं, उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि स्कूलों में छुट्टियों से संबंधी निर्णय सरकार और निदेशालय स्तर पर लिए जाते हैं। भविष्य में यदि इस नीति में कोई बदलाव होता है तो उसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
बरसात के समय ही छुट्टियां रखना सही होगा, क्योंकि इस दौरान कई स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में बच्चों को कक्षाओं में बैठाना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में उतनी परेशानी नहीं होती, जितनी बरसात में झेलनी पड़ती है। -अभिभावक नीलम देवी
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रोजाना बच्चों को जोखिम में डालना संभव नहीं है। कई बार तो मजबूरी में माता-पिता को ही बच्चों को स्कूल भेजने से रोकना पड़ता है। जबकि ऐसी स्थिति गर्मियों में नहीं आती। उन्होंने मांग की कि सरकार और शिक्षा निदेशालय को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। -राजेश कुमार
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प्रदेश के अधिकांश जिलों में आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में गर्मियों की छुट्टियों का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया प्रतीत होता है। परिणामस्वरूप पिछले तीन माह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि निजी स्कूल फीस पूरी वसूल रहे हैं। -रोहित कुमार
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए गर्मियों के बजाय बरसात में छुट्टियां तय करना अधिक उपयुक्त रहेगा। बरसात में बच्चों के साथ अध्यापकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कई बार स्कूल पहुंचना तक संभव नहीं होता। सरकार को इस मामले पर निश्चित रूप से ठोस निर्णय लेना चाहिए। -जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान राकेश चंद्र शर्मा