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ऊना जिले में 30 से बढ़कर 261 हुए ऑक्सीजन युक्त बेड
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डीसीएचसी पंडोगा जहां 90 ऑक्सीजनयुक्त बेड उपलब्ध हो गए हैं।
- फोटो : Una
ऊना। कोविड-19 से निपटने के लिए जिला बेहतर ढंग से तैयार हो गया है। वायरस की जब पहली लहर आई थी तो जिला में ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 30 थी। अब दूसरी लहर में ऑक्सीजन युक्त बेड क्षमता बढ़कर 261 हो गई है।
अगले सप्ताह तक पंडोगा में 50 अतिरिक्त ऑक्सीजन युक्त लगा दिए जाएंगे और यह क्षमता 311 हो जाएगी। पंडोगा मेक शिफ्ट कोविड अस्पताल में 90 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध है, जबकि डीसीएचसी हरोली में 45 और पालकवाह में 76 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। यही नहीं कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला ऊना ने ऑक्सीजन बैंक भी बनाया है। हरोली में 102 डी-टाइप, 60 बी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर तथा 29 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं जबकि पालकवाह में 142 डी-टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर के अलावा 15 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता है।
छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कोरोना संक्रमितों को निरंतर ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए जिला ऊना में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से पालकवाह में 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। हरोली में नेस्ले कंपनी इतनी ही क्षमता का प्लांट लगाने में जिला प्रशासन की मदद कर रही है। केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स फंड के तहत क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 1000 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी है, जिसे सीपीडब्ल्यूडी के माध्यम से जल्द से जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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जिलाधीश राघव शर्मा ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू लगने और लोगों के सहयोग के बाद वायरस की दूसरी लहर थमने लगी है। कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं, जिससे बेड खाली हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव कम हो गया है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर हर चुनौती का सामना करने की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि जब कोविड-19 वायरस की दूसरी लहर उफान पर थी, तो जिला ऊना ने तीन अन्य जिलों कांगड़ा, मंडी तथा हमीरपुर को 50-50 ऑक्सीजन सिलिंडर देकर मदद भी की है।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलिंडर और बेड की उपलब्धता के साथ अन्य मोर्चों पर भी जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ कार्य किया है।
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अगले सप्ताह तक पंडोगा में 50 अतिरिक्त ऑक्सीजन युक्त लगा दिए जाएंगे और यह क्षमता 311 हो जाएगी। पंडोगा मेक शिफ्ट कोविड अस्पताल में 90 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध है, जबकि डीसीएचसी हरोली में 45 और पालकवाह में 76 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। यही नहीं कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला ऊना ने ऑक्सीजन बैंक भी बनाया है। हरोली में 102 डी-टाइप, 60 बी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर तथा 29 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं जबकि पालकवाह में 142 डी-टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर के अलावा 15 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता है।
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छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कोरोना संक्रमितों को निरंतर ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए जिला ऊना में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से पालकवाह में 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। हरोली में नेस्ले कंपनी इतनी ही क्षमता का प्लांट लगाने में जिला प्रशासन की मदद कर रही है। केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स फंड के तहत क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 1000 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी है, जिसे सीपीडब्ल्यूडी के माध्यम से जल्द से जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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जिलाधीश राघव शर्मा ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू लगने और लोगों के सहयोग के बाद वायरस की दूसरी लहर थमने लगी है। कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं, जिससे बेड खाली हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव कम हो गया है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर हर चुनौती का सामना करने की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि जब कोविड-19 वायरस की दूसरी लहर उफान पर थी, तो जिला ऊना ने तीन अन्य जिलों कांगड़ा, मंडी तथा हमीरपुर को 50-50 ऑक्सीजन सिलिंडर देकर मदद भी की है।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलिंडर और बेड की उपलब्धता के साथ अन्य मोर्चों पर भी जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ कार्य किया है।