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Una News: इंश्योरेंस कंपनी को अस्सी हजार रुपये अदा करने के आदेश
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अदालत
जिला उपभोक्ता अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब(ऊना)। जिला उपभोक्ता अदालत ने एक मामले में इंश्योरेंस कंपनी को अस्सी हजार रुपये अदा करने का आदेश सुनाया है। मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अश्वनी अरोड़ा ने बताया कि रोहित शर्मा पुत्र केदार नाथ शर्मा प्रोपराइटर केदार वुड प्रोडक्टस गांव ओयल, तहसील घनारी ने जनरल इंश्योरेंस स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अंधेरी ईस्ट मुंबई के खिलाफ शिकायत की थी कि वह केदार वुड प्रोडक्टस का प्रोपराइटर है। शिकायतकर्ता की फर्म बेड, सोफा, डाइनिंग टेबल वगैरह बनाती है। शिकायतकर्ता ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच गगरेट से 22 लाख 50 हजार का लोन लेकर अपनी इंडस्ट्री गांव ओयल में लगाई थी। फरवरी 2019 में कुछ असामाजिक व्यक्तियों ने जबरदस्ती इंडस्ट्री में आकर फैक्ट्री का ताला तोड़कर मशीनरी की चोरी की थी। जबकि शिकायतकर्ता ने अपने सारे सामान की जनरल इंश्योरेंस करवाई थी। सामान चोरी होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी शिकायतकर्ता को चोरी किए सामान के पैसे देने से आनाकानी कर रही थी। मजबूर होकर शिकायतकर्ता अपने वकील के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट उपभोक्ता अदालत ऊना में इंश्योरेंस कंंपनी के खिलाफ केस किया। डिस्ट्रिक्ट उपभोक्ता अदालत ऊना ने इंश्योरेंस कंपनी को सामान की कीमत के 29280 रूपये व दिमागी परेशानी और उत्पीड़न के 30,000 रुपये, मुकदमेबाजी के 20,000 रुपये, कुल 80,000 रुपये 1 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से देने का आदेश पारित किया।
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जिला उपभोक्ता अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब(ऊना)। जिला उपभोक्ता अदालत ने एक मामले में इंश्योरेंस कंपनी को अस्सी हजार रुपये अदा करने का आदेश सुनाया है। मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अश्वनी अरोड़ा ने बताया कि रोहित शर्मा पुत्र केदार नाथ शर्मा प्रोपराइटर केदार वुड प्रोडक्टस गांव ओयल, तहसील घनारी ने जनरल इंश्योरेंस स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अंधेरी ईस्ट मुंबई के खिलाफ शिकायत की थी कि वह केदार वुड प्रोडक्टस का प्रोपराइटर है। शिकायतकर्ता की फर्म बेड, सोफा, डाइनिंग टेबल वगैरह बनाती है। शिकायतकर्ता ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच गगरेट से 22 लाख 50 हजार का लोन लेकर अपनी इंडस्ट्री गांव ओयल में लगाई थी। फरवरी 2019 में कुछ असामाजिक व्यक्तियों ने जबरदस्ती इंडस्ट्री में आकर फैक्ट्री का ताला तोड़कर मशीनरी की चोरी की थी। जबकि शिकायतकर्ता ने अपने सारे सामान की जनरल इंश्योरेंस करवाई थी। सामान चोरी होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी शिकायतकर्ता को चोरी किए सामान के पैसे देने से आनाकानी कर रही थी। मजबूर होकर शिकायतकर्ता अपने वकील के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट उपभोक्ता अदालत ऊना में इंश्योरेंस कंंपनी के खिलाफ केस किया। डिस्ट्रिक्ट उपभोक्ता अदालत ऊना ने इंश्योरेंस कंपनी को सामान की कीमत के 29280 रूपये व दिमागी परेशानी और उत्पीड़न के 30,000 रुपये, मुकदमेबाजी के 20,000 रुपये, कुल 80,000 रुपये 1 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से देने का आदेश पारित किया।