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Una News: किसानों के लाइसेंसी हथियार जमा करवाने का विरोध
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भाजपा जिला एससी मोर्चा उपाध्यक्ष ने प्रशासन पर खड़े किए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। भाजपा जिला एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष ईं रामपाल ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही और ढीली कार्यप्रणाली के कारण आज आम लोगों के लाइसेंसी हथियार जमा करवाने की स्थिति पैदा हो गई है। अगर प्रशासन पहले से ही सतर्क रहता और हालात पर कड़ी निगरानी रखता तो वैध हथियारों की जब्ती की स्थिति कभी उत्पन्न नहीं होती। यह प्रशासन की नाकामी मानी जानी चाहिए। रामपाल ने कहा कि हालांकि प्रशासन ने देर से ही सही, कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन अब सरकार और प्रशासन को किसानों की सुरक्षा और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से किसान पहले से ही परेशान हैं और फसल की बुआई के बाद जंगली जानवर खेतों में घुसकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस परिस्थिति में किसानों के पास जो लाइसेंसी हथियार हैं, वे सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए होते हैं, न कि किसी अन्य उद्देश्य से। ऐसे में इन हथियारों पर रोक लगाना किसानों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के वैध हथियारों को जल्द से जल्द वापस किया जाए और इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। रामपाल ने अंब स्कूल मैदान में चिंतपूर्णी महोत्सव के दौरान दुकानों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इन दुकानों के कारण स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले में भी तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और इन दुकानों को बंद करने पर पुनर्विचार किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। भाजपा जिला एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष ईं रामपाल ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही और ढीली कार्यप्रणाली के कारण आज आम लोगों के लाइसेंसी हथियार जमा करवाने की स्थिति पैदा हो गई है। अगर प्रशासन पहले से ही सतर्क रहता और हालात पर कड़ी निगरानी रखता तो वैध हथियारों की जब्ती की स्थिति कभी उत्पन्न नहीं होती। यह प्रशासन की नाकामी मानी जानी चाहिए। रामपाल ने कहा कि हालांकि प्रशासन ने देर से ही सही, कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन अब सरकार और प्रशासन को किसानों की सुरक्षा और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से किसान पहले से ही परेशान हैं और फसल की बुआई के बाद जंगली जानवर खेतों में घुसकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस परिस्थिति में किसानों के पास जो लाइसेंसी हथियार हैं, वे सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए होते हैं, न कि किसी अन्य उद्देश्य से। ऐसे में इन हथियारों पर रोक लगाना किसानों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के वैध हथियारों को जल्द से जल्द वापस किया जाए और इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। रामपाल ने अंब स्कूल मैदान में चिंतपूर्णी महोत्सव के दौरान दुकानों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इन दुकानों के कारण स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले में भी तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और इन दुकानों को बंद करने पर पुनर्विचार किया जाए।