{"_id":"67d56d5b5214d4156207fc67","slug":"objection-raised-on-checking-of-answer-sheets-at-block-level-una-news-c-93-1-una1002-148605-2025-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: खंड स्तर पर उत्तरपुस्तिका जांच पर जताई आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: खंड स्तर पर उत्तरपुस्तिका जांच पर जताई आपत्ति
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा तीसरी, पांचवीं और आठवीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच खंड स्तर पर करवाने के निर्णय के खिलाफ प्रदेश निजी स्कूल प्रबंधक संघ ने विरोध दर्ज कराया। संघ का कहना है कि यह निर्णय निजी विद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा प्रहार है और शिक्षकों और प्रशासन पर अनावश्यक दबाव डालता है।
संघ के जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने कहा कि विद्यालयों को अपनी परीक्षाओं का आयोजन और मूल्यांकन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर संदेह करना उनके मनोबल को गिराने वाला कदम है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर कॉपियों की जांच करने से पूरी प्रक्रिया जटिल और समय-साध्य हो जाएगी, जिससे छात्रों को भी असुविधा होगी। उन्होंने आरटीई अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि आठवीं कक्षा तक बोर्ड परीक्षा मानसिक तनाव बढ़ाती है और बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। संघ ने मांग उठाई है कि इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए और पूर्व की व्यवस्था को जारी रखा जाए। यदि शिक्षा विभाग ने उनकी मांगों को अनदेखा किया तो संघ राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
विज्ञापन
थानाकलां (ऊना)। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा तीसरी, पांचवीं और आठवीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच खंड स्तर पर करवाने के निर्णय के खिलाफ प्रदेश निजी स्कूल प्रबंधक संघ ने विरोध दर्ज कराया। संघ का कहना है कि यह निर्णय निजी विद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा प्रहार है और शिक्षकों और प्रशासन पर अनावश्यक दबाव डालता है।
संघ के जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने कहा कि विद्यालयों को अपनी परीक्षाओं का आयोजन और मूल्यांकन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर संदेह करना उनके मनोबल को गिराने वाला कदम है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर कॉपियों की जांच करने से पूरी प्रक्रिया जटिल और समय-साध्य हो जाएगी, जिससे छात्रों को भी असुविधा होगी। उन्होंने आरटीई अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि आठवीं कक्षा तक बोर्ड परीक्षा मानसिक तनाव बढ़ाती है और बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। संघ ने मांग उठाई है कि इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए और पूर्व की व्यवस्था को जारी रखा जाए। यदि शिक्षा विभाग ने उनकी मांगों को अनदेखा किया तो संघ राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
विज्ञापन