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Una News: अब माता चिंतपूर्णी मंदिर में 3000 से अधिक श्रद्धालु एक साथ देख सकेंगे आरती
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माता वैष्णो देवी की तर्ज पर होगा विस्तार, प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में से चिंतपूर्णी में बदलाव की तैयारी
मंदिर परिसर में गर्भ गृह को छोड़कर अन्य जगहों का होगा विस्तार
जसवीर ठाकुर
ऊना। हिमाचल प्रदेश के पांच सुप्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माता चिंतपूर्णी मंदिर में अब माता वैष्णो देवी की तर्ज पर आरती स्थल का निर्माण किया जाएगा। यह आरती स्थल इतना विशाल होगा कि यहां एक साथ 3000 से अधिक श्रद्धालु खड़े होकर आरती में भाग ले सकेंगे। मंदिर परिसर में इस प्रकार का विस्तार कार्य पहली बार किया जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन समिति की हाल ही में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई है और अब विस्तारीकरण की दिशा में तेजी से काम शुरू होने जा रहा है। एसडीएम अंब एवं मंदिर अधिकारी आईएएस सचिन शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों ज्वालामुखी, बृजेश्वरी माता, श्री चामुंडा देवी, नैना देवी और चिंतपूर्णी माता मंदिर में से पहली बार चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरती स्थल का विस्तार किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार ने विस्तारीकरण योजना के तहत 75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की खरीद और करीब 36 दुकानों के पुनर्वास और खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए भी एक कमेटी गठित की गई है, जो शीघ्र ही अपना कार्य पूरा करेगी।
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विस्तारीकरण योजना के तहत मंदिर परिसर में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, ठहरने की व्यवस्था और लंगर जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए सुगम दर्शन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि विस्तारीकरण योजना के तहत माता के गर्भगृह को छोड़कर मंदिर परिसर के अन्य सभी भागों का विस्तार किया जाएगा। आरती स्थल को वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और सभी औपचारिकताओं के बाद जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। यह परियोजना श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक भव्य और व्यवस्थित दर्शन अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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मंदिर परिसर में गर्भ गृह को छोड़कर अन्य जगहों का होगा विस्तार
जसवीर ठाकुर
ऊना। हिमाचल प्रदेश के पांच सुप्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माता चिंतपूर्णी मंदिर में अब माता वैष्णो देवी की तर्ज पर आरती स्थल का निर्माण किया जाएगा। यह आरती स्थल इतना विशाल होगा कि यहां एक साथ 3000 से अधिक श्रद्धालु खड़े होकर आरती में भाग ले सकेंगे। मंदिर परिसर में इस प्रकार का विस्तार कार्य पहली बार किया जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन समिति की हाल ही में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई है और अब विस्तारीकरण की दिशा में तेजी से काम शुरू होने जा रहा है। एसडीएम अंब एवं मंदिर अधिकारी आईएएस सचिन शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों ज्वालामुखी, बृजेश्वरी माता, श्री चामुंडा देवी, नैना देवी और चिंतपूर्णी माता मंदिर में से पहली बार चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरती स्थल का विस्तार किया जा रहा है।
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श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार ने विस्तारीकरण योजना के तहत 75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की खरीद और करीब 36 दुकानों के पुनर्वास और खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए भी एक कमेटी गठित की गई है, जो शीघ्र ही अपना कार्य पूरा करेगी।
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विस्तारीकरण योजना के तहत मंदिर परिसर में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, ठहरने की व्यवस्था और लंगर जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए सुगम दर्शन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि विस्तारीकरण योजना के तहत माता के गर्भगृह को छोड़कर मंदिर परिसर के अन्य सभी भागों का विस्तार किया जाएगा। आरती स्थल को वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और सभी औपचारिकताओं के बाद जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। यह परियोजना श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक भव्य और व्यवस्थित दर्शन अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।