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निजी स्कूल नोटिस बोर्ड पर अंकित करें हर कक्षा की फीस : शिक्षा विभाग
Fri, 24 Mar 2023 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 24 Mar 2023 11:29 PM IST
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ऊना। निजी स्कूलों में ली जाने वाली फीस और अन्य गतिविधियों के लिए मांगे जाने वाले फंड को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि सभी निजी स्कूल अभिभावकों की सहमति से तय फीस कक्षा के हिसाब से नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करें। साथ ही हर कक्षाओं में लगने वाली पुस्तकों की जानकारी भी देनी होगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को किसी चिह्नित दुकान या स्कूलों से वर्दी, पुस्तकें लेने के लिए बाध्य न किया जाए। इसको लेकर स्कूल अपने स्तर पर एक अधिसूचना भी जारी करें। साथ ही स्कूल के प्रतीक चिह्न वाली किताबों और कॉपियां लेने के लिए भी बच्चों को बाध्य नहीं किया जा सकता। वहीं, स्कूल में बच्चों को भ्रमण और यात्रा पर लेकर जाने से पहले उनकेे अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। अगर किसी विद्यार्थी के माता-पिता उसे यात्रा व भ्रमण पर भेजने में असमर्थ हैं तो उन्हें बाध्य न किया जाए।
ध्यान रहे कि इस समय निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जोरों पर चल रही है। अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए स्कूलों की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच अब शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को दाखिला के लिए अन्य व्यवस्थाओं पर गौर फरमाने के लिए कहा है।
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जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग की टीम लगातार निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं की जांच करने में जुटी है। हालांकि सरकारी स्कूलों में इस समय बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की वजह से निजी स्कूलों का निरीक्षण कुछ दिन के लिए रुक गया है। लेकिन परीक्षाएं अब अंतिम चरण में हैं और यह अभियान दोबारा शुरू होगा।
कोट्स
जिले में निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतने दी जाएगी। हमारी टीम लगातार सख्ती बनाए हुए है। अगर किसी स्कूल में शिक्षा विभाग के मानकों की गड़बड़ी पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग
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शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को किसी चिह्नित दुकान या स्कूलों से वर्दी, पुस्तकें लेने के लिए बाध्य न किया जाए। इसको लेकर स्कूल अपने स्तर पर एक अधिसूचना भी जारी करें। साथ ही स्कूल के प्रतीक चिह्न वाली किताबों और कॉपियां लेने के लिए भी बच्चों को बाध्य नहीं किया जा सकता। वहीं, स्कूल में बच्चों को भ्रमण और यात्रा पर लेकर जाने से पहले उनकेे अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। अगर किसी विद्यार्थी के माता-पिता उसे यात्रा व भ्रमण पर भेजने में असमर्थ हैं तो उन्हें बाध्य न किया जाए।
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ध्यान रहे कि इस समय निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जोरों पर चल रही है। अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए स्कूलों की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच अब शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को दाखिला के लिए अन्य व्यवस्थाओं पर गौर फरमाने के लिए कहा है।
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जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग की टीम लगातार निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं की जांच करने में जुटी है। हालांकि सरकारी स्कूलों में इस समय बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की वजह से निजी स्कूलों का निरीक्षण कुछ दिन के लिए रुक गया है। लेकिन परीक्षाएं अब अंतिम चरण में हैं और यह अभियान दोबारा शुरू होगा।
कोट्स
जिले में निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतने दी जाएगी। हमारी टीम लगातार सख्ती बनाए हुए है। अगर किसी स्कूल में शिक्षा विभाग के मानकों की गड़बड़ी पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग