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Una News: बारिश न होने से किसानों की बढ़ीं मुश्किलें
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किसान कर रहे बारिश होने का इंतजार
गेंहू बिजाई के बाद एक बार भी नहीं हुई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा(ऊना)। क्षेत्र में इन दिनों शुष्क ठंड ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। वहीं बारिश न होने से किसानों में भी मायूसी छाई हुई है। किसान गेहूं की फसल के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों को आवश्यक नमी मिल सके। किसानों का कहना है कि इस समय बारिश फसलों को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। बीते दो–तीन दिनों से बादलों और धूप की आंख-मिचौनी के बीच किसान इंद्र देवता की कृपा का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में किसानों ने बातचीत के दौरान अपने विचार इस प्रकार साझा किए।
रौनखर के ओम प्रकाश ने कहा कि इस समय बारिश बेहद जरूरी है। शुष्क ठंड के कारण बुजुर्गों को खांसी-जुकाम और सांस लेने में दिक्कतें होने लगी हैं। यदि बारिश हो जाती है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
किसान राधे श्याम का कहना है कि बारिश न होने से खेतों सहित अन्य स्थानों पर दिहाड़ी मजदूरी करने में परेशानी आ रही है। ठंडे पानी में बार-बार हाथ-पैर लगाने से हाथों और पैरों में दरारें पड़ने लगी हैं। बारिश होने से कुछ राहत मिल सकती है।
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नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि बारिश न होने से शुष्क ठंड बनी हुई है और हल्के कोहरे के कारण गेहूं की फसल पीली पड़नी शुरू हो गई है। ऐसे में बारिश फसल के लिए बेहद जरूरी है।
जोगेंद्र सिंह रायजादा का कहना है कि दिन में लावारिस पशु और जंगली बंदर, जबकि रात में नीलगाय और जंगली सुअर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ठंड के कारण रात में ठीकरी पहरा देना भी कठिन हो गया है, जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गेंहू बिजाई के बाद एक बार भी नहीं हुई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा(ऊना)। क्षेत्र में इन दिनों शुष्क ठंड ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। वहीं बारिश न होने से किसानों में भी मायूसी छाई हुई है। किसान गेहूं की फसल के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों को आवश्यक नमी मिल सके। किसानों का कहना है कि इस समय बारिश फसलों को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। बीते दो–तीन दिनों से बादलों और धूप की आंख-मिचौनी के बीच किसान इंद्र देवता की कृपा का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में किसानों ने बातचीत के दौरान अपने विचार इस प्रकार साझा किए।
रौनखर के ओम प्रकाश ने कहा कि इस समय बारिश बेहद जरूरी है। शुष्क ठंड के कारण बुजुर्गों को खांसी-जुकाम और सांस लेने में दिक्कतें होने लगी हैं। यदि बारिश हो जाती है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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किसान राधे श्याम का कहना है कि बारिश न होने से खेतों सहित अन्य स्थानों पर दिहाड़ी मजदूरी करने में परेशानी आ रही है। ठंडे पानी में बार-बार हाथ-पैर लगाने से हाथों और पैरों में दरारें पड़ने लगी हैं। बारिश होने से कुछ राहत मिल सकती है।
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नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि बारिश न होने से शुष्क ठंड बनी हुई है और हल्के कोहरे के कारण गेहूं की फसल पीली पड़नी शुरू हो गई है। ऐसे में बारिश फसल के लिए बेहद जरूरी है।
जोगेंद्र सिंह रायजादा का कहना है कि दिन में लावारिस पशु और जंगली बंदर, जबकि रात में नीलगाय और जंगली सुअर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ठंड के कारण रात में ठीकरी पहरा देना भी कठिन हो गया है, जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।