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Una News: कम संसाधनों के बीच सफलता को चूम रहा कुटलैहड़ का नारी स्कूल

Mon, 17 Feb 2025 02:26 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2025 02:26 AM IST
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Kutlehar's women's school is kissing success amidst less resources
बिना विशेषज्ञ अध्यापक बच्चों ने ड्राइंग में हासिल किए 99 और 97 प्रतिशत अंक
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स्कूल में छठी कक्षा और पुस्तकालय के लिए कमरा तक नहीं
पुस्तकालय और छठी कक्षा का एक ही कमरे में हो रहा संचालन


सतीश शर्मा

नारी (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के नारी स्कूल प्रबंधन ने संसाधनों की कमी के बीच विद्यार्थियों को अच्छी पढ़ाई का शानदार उदाहरण पेश किया है। यह विद्यालय साल 2022 में अपग्रेड किया गया और तब से वर्तमान तक ड्राइंग विषय का कोई अध्यापक तैनात नहीं हुआ। प्रधानाचार्य खुद बच्चों की कक्षाएं ले रहे हैं। बीते सत्र में दो बच्चों के ड्राइंग विषय में 99 और 97 प्रतिशत अंक आए। इसके अलावा छह बच्चे ऐसे रहे, जिन्होंने इस विषय में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। इसके अलावा स्कूलों में कक्षा व पुस्तकालय के लिए अलग कमरा भी नहीं। इस वजह से एक ही कमरे में पुस्तकालय और छठी कक्षा का संचालन हो रहा है।
राजकीय उच्च विद्यालय नारी में कुल 85 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को पांच मिनट तक नैतिक शिक्षा के संबंध में संबोधित किया जाता है। विद्यालय में शौचालय की सुविधा उपलब्ध हैं और पेयजल पानी की टंकी भी नियमित तौर पर साफ करवाई जा रही है। विद्यालय में दो कमरों की कमी है। लाइब्रेरी के लिए भी अलग कमरा नहीं है। लाइब्रेरी कक्षा के कमरे में ही चल रही है। लाइब्रेरी में बच्चे ठीक से नहीं पढ़ पाते। इसके अलावा प्रबंधन ने विद्यालय का एक किचन गार्डन स्थापित किया है। जहां मिड-डे मील के लिए हरी सब्जियां मूली, गाजर, पालक, धनिया आदि लगाया गया है।
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विद्यालय में पीटीआई, ड्राइंग अध्यापक का पद रिक्त है। इससे बच्चों को खेलों में भाग लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। दूसरे अध्यापक ही उन्हें खेलने के लिए प्रेरित करते हैं। दसवीं में कुल 11 बच्चे हैं। इनमें सात बच्चों ने ड्राइंग में 75 प्रतिशत अंक हासिल किए। अध्यापक न होने के बावजूद भी एक बच्चे ने 100 में 99 और दूसरे के 100 में से 97 अंक हासिल किए।
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विद्यालय के मुख्याध्यापक अशोक कुमार बैंस का कहना है कि बड़ी कक्षाओं के ड्राइंग के विषय मैं खुद पढ़ा रहा हूं। परिणाम बहुत ही शानदार आए। जबकि ड्राइंग का पद स्कूल के अपग्रेड होने के साथ से ही खाली चला आ रहा। पीटीआई का पद भी रिक्त है। विद्यालय में ईको क्लब स्थापित किया गया। इसकी वजह से प्रांगण में हरियाली देखी जा सकती है। पढ़ाई का माहौल बच्चों को और भी सीखने में मदद करता है।
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