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Una News: मांगों को लेकर संयुक्त अध्यापक मोर्चा ने निकाली रैली
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कहा, शिक्षा मंत्री ने मांगें तो मानीं पर पूरी नहीं कीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। संयुक्त अध्यापक मोर्चा पंजाब की तरफ से आंनदपुर साहिब से नंगल तक रविवार को झंडा मार्च प्रदर्शन किया गया। इसमें शामिल लोग शिक्षा मंत्री के कथित रवैये से काफी खफा नजर आए। जमकर नारेबाजी की। मोर्चा के संयोजक सुखविंद्र सिंह चाहल, सुरेंद्र कुमार, बलजीत सिंह आदि के नेतृत्व में पंजाब के शिक्षा मंत्री एडवोकेट हरजोत सिंह बैंस के विधानसभा क्षेत्र में यह रैली निकाली। अध्यापक नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आज झंडा मार्च का आयोजन किया जा रहा है। पंजाब के शिक्षा मंत्री से उनकी कई बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने हमारी मांगें तो मानी लेकिन उनको पूरा करने की तरफ कोई ठोस कदम नहीं बढ़ाया। यह कैसी शिक्षा क्रांति है कि अध्यापक अपनी जायज मांगों को पूरी करवाने के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। इन अध्यापक नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री उनके साथ बैठ कर बात करें और मांगी गई मांगों को पहल के आधार पर पूरा करें। अध्यापकों से नॉन टीचिंग काम करवाना पहल के आधार पर बंद हो। एसएलए की पोस्ट का नाम बदला जाए। पूरे साल का शिक्षा शेड्यूल बने। पंजाब की अपनी शिक्षा नीति बने, 2020 में बनी सेंटर की नीति को रद्द करवाना हमारी मुख्य मांगों में शुमार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। संयुक्त अध्यापक मोर्चा पंजाब की तरफ से आंनदपुर साहिब से नंगल तक रविवार को झंडा मार्च प्रदर्शन किया गया। इसमें शामिल लोग शिक्षा मंत्री के कथित रवैये से काफी खफा नजर आए। जमकर नारेबाजी की। मोर्चा के संयोजक सुखविंद्र सिंह चाहल, सुरेंद्र कुमार, बलजीत सिंह आदि के नेतृत्व में पंजाब के शिक्षा मंत्री एडवोकेट हरजोत सिंह बैंस के विधानसभा क्षेत्र में यह रैली निकाली। अध्यापक नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आज झंडा मार्च का आयोजन किया जा रहा है। पंजाब के शिक्षा मंत्री से उनकी कई बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने हमारी मांगें तो मानी लेकिन उनको पूरा करने की तरफ कोई ठोस कदम नहीं बढ़ाया। यह कैसी शिक्षा क्रांति है कि अध्यापक अपनी जायज मांगों को पूरी करवाने के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। इन अध्यापक नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री उनके साथ बैठ कर बात करें और मांगी गई मांगों को पहल के आधार पर पूरा करें। अध्यापकों से नॉन टीचिंग काम करवाना पहल के आधार पर बंद हो। एसएलए की पोस्ट का नाम बदला जाए। पूरे साल का शिक्षा शेड्यूल बने। पंजाब की अपनी शिक्षा नीति बने, 2020 में बनी सेंटर की नीति को रद्द करवाना हमारी मुख्य मांगों में शुमार है।