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महिला उत्पीड़न रोकने के लिए सजग होना जरूरी : पल्लवी

Wed, 09 Jul 2025 12:07 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:07 AM IST
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It is necessary to be vigilant to stop harassment of women: Pallavi
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में प्र​शिक्षु नर्सें चेयरमैन विक्रम जीत सिंह , डॉ. पल - फोटो : लहचूरा बांध के पांच फाटक खोलकर निकाला जा रहा पानी। संवाद
नए रक्त के संचार के लिए जोर-जोर से हंसे
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हिमकैप्स नर्सिंग संस्थान बढ़ेडा में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में किया जागरूक
महिला शारीरिक रूप से सशक्त होने पर ही हर परिस्थिति का कर सकती सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ेडा (ऊना)। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पल्लवी शर्मा ने कहा कि समाज में महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए सजग होना पड़ेगा। इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। उन्होंने यह बात अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हिमकैप्स नर्सिंग संस्थान बढ़ेडा जिला ऊना में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में प्रशिक्षु नर्सों को संबोधित करते हुए कही। कहा कि जीवन में लाइफस्टाइल में बदलाव आना बहुत जरूरी है। इसके लिए आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में योग और सूर्य नमस्कार जैसी क्रियाएं नियमित तौर पर करनी चाहिए। महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ और सशक्त बनना भी बहुत जरूरी है। अगर महिला शारीरिक रूप से सशक्त होंगी तो वे हर प्रकार की स्थिति का सामना कर सकती हैं। विद्यार्थी जीवन में बच्चों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी एकाग्रता के साथ ध्यान केंद्रित करके उसे साधने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि वह अपनी दिनचर्या में कोई न कोई एक ऐसा नया काम करे, जिससे उनकी सोच में भी बदलाव आए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने साथ हो रहे अपराध को सहना नहीं है बल्कि उसका सामना करने के लिए अपनी आवाज बुलंद करनी है ताकि अपराध को बढ़ावा न मिल सके। महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। स्वच्छता का ध्यान रखना और ज्ञान का प्रयोग करने से ही इसकी वृद्धि होती है। 24 घंटे में एक तिहाई नींद लेना बहुत जरूरी है। सूर्य अस्त के साथ सोना और सूर्य उदय होने से पहले उठना ही एक स्वस्थ शरीर के निर्माण का मुख्य आधार है। जो ब्रह्मांड में है वह हमारे शरीर में है। खुश रहना चाहिए और इसमें इजाफा करने के लिए जब भी अवसर मिले तो जोर-जोर से हंसना चाहिए। इससे मानव का शरीर और उसकी कोशिकाएं प्रफुल्लित होती हैं और नए रक्त का संचार बढ़ता है। उन्होंने प्रशिक्षु नर्सों से संतुलित आहार लेने, ड्राई फूड खाने और जंक फूड से परहेज करने का आह्वान किया। मेंटल हेल्थ पर भी उन्होंने टिप्स दिए और कहा कि अपनी डाइट में संतुलित आहार जरूर शामिल करें। दूध, फ्रूट और खाने का टाइम टेबल जरूर निश्चित करें। इससे वजन भी बराबर रहता है और विभिन्न प्रकार के रोगों के संक्रमण से भी बचा जा सकता है। संस्थान के चेयरमैन विश्वजीत सिंह ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम बच्चों की सोच में बदलाव लाने की एक सराहनीय पहल है। उन्होंने सभी प्रशिक्षु नर्सों से अपने परिवार और समाज में भी जागरुकता बढ़ाने का आह्वान किया। प्रिंसिपल ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से प्रशिक्षु नर्सों की सोच में बदलाव आया है और एक नई दिशा की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिली है।
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प्रशिक्षु अंकिता शर्मा का कहना है कि कार्यक्रम में स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई और मानसिक तौर भी सशक्त करने के बारे में जागरूक किया।
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शिवानी का कहना है कि कार्यक्रम में संतुलित आहार लेने और जंक फूड खाने से परहेज करने के बारे में जानकारी दी गई और दूध और फ्रूट समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं को आहार में शामिल करने के बारे में जागरूक किया गया।
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शाविना का कहना है कि कार्यक्रम में महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न को न सहने और आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि अपराध को बढ़ने से रोका जा सके।
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वंशिका का कहना है कि कार्यक्रम में बच्चों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासित होकर पढ़ाई करने और अनावश्यक गतिविधियों में अपना समय बर्बाद न करने की जानकारी मिली।
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