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Una News: पशु देखभाल ठीक न हुई तो गोशाला संचालकों पर दर्ज होगा मामला

Tue, 20 May 2025 12:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 20 May 2025 12:29 AM IST
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If animal care is not proper then case will be filed against Gaushala operators
कुठेडा जसवाला गौशाला का निरीक्षण करते एसडीएम सौमिल गौतम। संवाद - फोटो : अंशू। स्रोत: परिजन
गगरेट (ऊना)। उपमंडल गगरेट में चल रही गोशालाओं का सारा रिकार्ड अप टू डेट करने के आदेश एसडीएम सौमिल गौतम ने दिए हैं। उन्होंने गोशालाओं में रह रहे गो वंशीय प्राणियों की शत-प्रतिशत टैगिंग करने के आदेश पशुपालन विभाग को दिए हैं। उन्होंने गो सदनों के संचालकों को भी आगाह किया है कि अगर गो वंशीय प्राणियों की ठीक से देखभाल नहीं हुई और कहीं भी क्रूरता की बात सिद्ध हुई तो गोशाला संचालकों पर भी पुलिस में मामले दर्ज किए जाएंगे।
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उपमंडल गगरेट के कुठेड़ा जसवालां में गो वंशीय प्राणियों की संदिग्ध अवस्था में हुई मौतों व गोशाला संचालकों पर लग रहे गंभीर आरोपों के चलते सोमवार को एसडीएम सौमिल गौतम ने गोशाला का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को जांचा। उनके साथ खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र जेटली व पशु चिकित्सक शुभम ठाकुर भी मौजूद रहे। हालांकि गोशाला में कई पशु बिना टैगिंग के पाए गए। जिस पर सौमिल गौतम ने पशु चिकित्सक को तमाम गोशालाओं में शत-प्रतिशत टैगिंग प्रक्रिया पूरी करने को कहा है ताकि आसानी से पता लगाया जा सके कि गोशाला में कितने पंजीकृत पशु हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सक साथ में समय-समय पर गोशालाओं का रिकॉर्ड भी खंगाले और जो गोशालाएं रिकॉर्ड मेंटेन नहीं कर रही हैं, उसकी विस्तृत रिपोर्ट भी दें। उन्होंने गोशाला संचालकों को भी समय-समय पर गोवंशीय प्राणियों को चारा व पानी देने की सख्त हिदायत दी। एसडीएम ने यह भी स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी भी गो वंशीय प्राणी की मौत पर उसे गोशाला के नजदीक गड्ढा करके दफनाया जाए न कि उन्हें किसी को दिया जाए और न ही इधर-उधर फेंका जाए। उन्होंने बताया कि गोशाला संचालकों द्वारा बताया गया है कि इस माह करीब 12 गो वंशीय प्राणियों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या पशु चारे व पानी की कमी के कारण पशु मरे हैं। अगर कहीं भी यह बात सिद्ध हुई तो गोशाला संचालकों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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