{"_id":"61c9e2534548647f2e6da8f9","slug":"high-flow-oxygen-facility-will-be-available-in-381-beds-una-news-sml3948383115","type":"story","status":"publish","title_hn":"381 बेड में मिलेगी हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
381 बेड में मिलेगी हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा
विज्ञापन
High flow oxygen facility will be available in 381 beds
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊना। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी मुकम्मल करने में जुटा है। जिले में हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त 381 बेड का प्रावधान कर दिया गया है। ओमिक्रॉन के खतरे से पहले स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन की व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पीएसए प्लांट लगाने के लिए भी जिलाभर में प्रयास कर रहा है।
जिले में वर्तमान समय में 381 बेड हाई फ्लो ऑक्सीजन से युक्त हैं। इसके अलावा कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। इस वार्ड में 30 बेड स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा होगी। क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्थापित किए गए पीएसए प्लांट से भी करीब 100 मरीजों के लिए आपातकाल में हाई फ्लो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
जिले में डीसीएचसी हरोली, पालकवाह, पंडोगा तथा बाथू में हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त बेड लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त गगरेट अस्पताल, अंब तथा बंगाणा में ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमन शर्मा ने बताया कि जिले में वर्तमान समय में 381 बेड को हाई फ्लो ऑक्सीजन के साथ जोड़ा गया। इसके अलावा आपातकाल में क्षेत्रीय अस्पताल में आपातकाल के लिए पीएसए प्लांट का प्रयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों में भी होगा उपचार
जिले में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अगर मामले अधिक संख्या में आते हैं तो इसके लिए निजी अस्पतालों में भी उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इन निजी अस्पतालों में भी संक्रमितों के लिए जरूरी सुविधाएं होने का मापदंड रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए भी प्रावधान कर रहा है।
विज्ञापन
जिले में वर्तमान समय में 381 बेड हाई फ्लो ऑक्सीजन से युक्त हैं। इसके अलावा कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। इस वार्ड में 30 बेड स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा होगी। क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्थापित किए गए पीएसए प्लांट से भी करीब 100 मरीजों के लिए आपातकाल में हाई फ्लो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन
जिले में डीसीएचसी हरोली, पालकवाह, पंडोगा तथा बाथू में हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त बेड लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त गगरेट अस्पताल, अंब तथा बंगाणा में ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमन शर्मा ने बताया कि जिले में वर्तमान समय में 381 बेड को हाई फ्लो ऑक्सीजन के साथ जोड़ा गया। इसके अलावा आपातकाल में क्षेत्रीय अस्पताल में आपातकाल के लिए पीएसए प्लांट का प्रयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों में भी होगा उपचार
जिले में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अगर मामले अधिक संख्या में आते हैं तो इसके लिए निजी अस्पतालों में भी उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इन निजी अस्पतालों में भी संक्रमितों के लिए जरूरी सुविधाएं होने का मापदंड रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए भी प्रावधान कर रहा है।