Una: मुकेश अग्निहोत्री बोले- बल्क ड्रग पार्क में दिसबंर तक आवंटित होंगे प्लॉट
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम) 'आइना' का लोकार्पण किया।
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ऊना जिले का हरोली विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का पहला पूर्ण सीसीटीवी निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र बन गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम) 'आइना' का लोकार्पण किया। मिनी सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय में स्थापित यह सेंटर आधुनिक एवं तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में अपराध की मंशा से आने वाला कोई भी व्यक्ति अब कानून की नजर से बच नहीं सकेगा।
संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र के 60 महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर स्थापित 195 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। अपराध में प्रयुक्त या संदिग्ध वाहन क्षेत्र में प्रवेश करते ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को तत्काल अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी तथा तकनीक के माध्यम से चालान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जिला मुख्यालयों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में हरोली में बस डिपो की स्थापना कर जनता को समर्पित किया जाएगा। उ
प्रदेश की बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सभी आवश्यक औपचारिकताओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है और आने वाले महीनों में परियोजना की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी होगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह बात हरोली में कही। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल निस्तारण के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निर्माण किया जाएगा। वहीं, उद्योगों को निर्बाध उपयोगिता सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक कॉमन बॉयलर प्लांट भी स्थापित किया जाएगा, जिससे इकाइयों को अलग-अलग बॉयलर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और लागत के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी। बल्क ड्रग पार्क में दिसबंर महीने तक प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। 1405 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला बल्क ड्रग पार्क करीब दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना है, जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार एक-एक हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। बल्क ड्रग पार्क में 110 औद्योगिक प्लॉट तैयार किए जाएंगे। इनमें लगभग 70 से 80 एपीआई निर्माण औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी।