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Una News: डेयरी फार्म चलाकर आर्थिकी मजबूत कर रहे देहलां के हरभजन सिंह
Mon, 08 Jul 2024 03:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 08 Jul 2024 03:00 AM IST
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ऊना जिला के देहलां गांव के प्रगतिशील किसान 50 वर्षीय हरभजन सिंह डेयरी फॉर्म दूध निकालते हुए।संव
ऊना। ऊना जिला के देहलां गांव के प्रगतिशील किसान 50 वर्षीय हरभजन सिंह डेयरी फार्म चलाकर परिवार की आर्थिकी को सुदृढ़ बना रहे हैं। हरभजन सिंह 20 गाय और 6 भैंस पालकर जहां प्रतिदिन 100 से 150 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं ।
वहीं, दूध बेचकर अच्छी खासी आमदन भी प्राप्त कर रहे हैं। हरभजन सिंह के इस कार्य में उनका 19 वर्षीय बेटा अमनवीर सिंह भी हाथ बंटा रहा है। साथ ही डेयरी फार्म में सहयोग के लिए एक स्थानीय ग्रामीण को भी रोजगार मुहैया करवाया है।
हरभजन सिंह से बातचीत में उहोंने बताया कि बचपन से ही अपने पिता के साथ वे पशुपालन से जुड़े रहे हैं। पहले वे छोटे स्तर पर यह कार्य करते रहे हैं, लेकिन पिछले 4 वर्षों से उन्होंने बड़े स्तर पर डेयरी फॉर्म चलाने का निर्णय लिया। वर्तमान में उनके पास मुर्रा नस्ल की 6 भैंसे तथा साहीवाल, जर्सी और एचएफ नस्ल की 20 गाय हैं।
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कुल मिलाकर एक दिन में वे औसतन 100 से 150 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें कुल दूध उत्पादन में से संपूर्ण लागत और खर्च निकालकर लगभग 30 से 35 प्रतिशत शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि वे अधिकतर दूध अमूल डेयरी को बेच रहे हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण भी घर से ही दूध खरीदते हैं।
हरभजन सिंह को विभाग के माध्यम से सरकार की ओर मिलने वाली विभिन्न तरह की मदद प्रदान की जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से दो दुधारू पशु खरीदने को 1 लाख 60 हजार रुपये का आर्थिक लाभ प्रदान किया है। भविष्य में हरभजन सिंह को मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के साथ जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
डॉ. राकेश भट्टी, वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी, ऊना
सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को लाभ देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। हरभजन सिंह को भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
जतिन लाल, उपायुक्त, ऊना
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वहीं, दूध बेचकर अच्छी खासी आमदन भी प्राप्त कर रहे हैं। हरभजन सिंह के इस कार्य में उनका 19 वर्षीय बेटा अमनवीर सिंह भी हाथ बंटा रहा है। साथ ही डेयरी फार्म में सहयोग के लिए एक स्थानीय ग्रामीण को भी रोजगार मुहैया करवाया है।
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हरभजन सिंह से बातचीत में उहोंने बताया कि बचपन से ही अपने पिता के साथ वे पशुपालन से जुड़े रहे हैं। पहले वे छोटे स्तर पर यह कार्य करते रहे हैं, लेकिन पिछले 4 वर्षों से उन्होंने बड़े स्तर पर डेयरी फॉर्म चलाने का निर्णय लिया। वर्तमान में उनके पास मुर्रा नस्ल की 6 भैंसे तथा साहीवाल, जर्सी और एचएफ नस्ल की 20 गाय हैं।
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कुल मिलाकर एक दिन में वे औसतन 100 से 150 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें कुल दूध उत्पादन में से संपूर्ण लागत और खर्च निकालकर लगभग 30 से 35 प्रतिशत शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि वे अधिकतर दूध अमूल डेयरी को बेच रहे हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण भी घर से ही दूध खरीदते हैं।
हरभजन सिंह को विभाग के माध्यम से सरकार की ओर मिलने वाली विभिन्न तरह की मदद प्रदान की जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से दो दुधारू पशु खरीदने को 1 लाख 60 हजार रुपये का आर्थिक लाभ प्रदान किया है। भविष्य में हरभजन सिंह को मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के साथ जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
डॉ. राकेश भट्टी, वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी, ऊना
सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को लाभ देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। हरभजन सिंह को भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
जतिन लाल, उपायुक्त, ऊना