{"_id":"61d097594548647f2e6dae43","slug":"goats-sick-only-72-hours-after-distribution-questions-raised-on-the-plan-una-news-sml3953905165","type":"story","status":"publish","title_hn":"वितरण के 72 घंटे बाद ही बकरियां बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वितरण के 72 घंटे बाद ही बकरियां बीमार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगाणा (ऊना)। जिले में भेड़ बकरी पालन योजना के तहत वितरित की गई बकरियां फिर सवालों के घेरे में आ गई है। विभाग ने किसानों को भेड़-बकरियां वितरित करने के तीन दिन बाद ही करीब सभी बकरियां बीमार पड़ गई हैं। बताया जा रहा है कि जिले के कई पशुपालकों को दी गई बकरियों की मौत भी हो गई है। विभाग का कहना है कि ज्यादा ठंड और निमोनिया की वजह से आधा दर्जन बकरियों की मृत्यु हुई है।
उपमंडल बंगाणा में बीते 24 दिसंबर को भेड़ बकरी पालन योजना में 27 परिवारों को 267 के करीब बकरियां बांटी गई, लेकिन मात्र तीन दिनों में ही यह बकरियां बीमार पड़ गई। कुछ परिवारों को दी गई बकरियों में से कुछ की मौत हो गई। पशुपालकों का आरोप है कि एक तरफ तो जिला ऊना पशुपालन विभाग बढ़िया नस्ल यानी बीटल आदि प्रजाति की बकरियों को देने की बात करता है। बढ़िया नस्ल की बजाए बीमार बकरियों को ही किसानों को प्रदान करके उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया है। यहां सवाल उठ रहे हैं कि बकरियों की पहले जांच क्यों नहीं की गई? बीमार होने की सूरत पर इन्हें वितरित क्यों किया गया।
इनसेट
जिला ऊना पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जय सिंह सेन ने कहा कि सभी 267 बकरियों का वैक्सीनेशन करवाकर ही हिमाचल लाया गया था, लेकिन हिमाचल में ज्यादा ठंड होने के कारण कुछ बकरियों को निमोनिया हो गया है। उन्होंने बताया कि करीब छह बकरियों की मौत हो गई है। इसकी भरपाई के लिए संबंधित ठेकेदार को कह दिया गया है। किसानों के नुकसान की भरपाई हर हाल में होगी।
विज्ञापन
इनसेट
बंगाणा के एसवीओ डॉ सतिंद्र ठाकुर ने कहा कि उपमंडल बंगाणा में बीमार बकरियां का घरद्वार फ्री इलाज हो रहा है। कुछ बकरियों के सैंपल लेकर पालमपुर भेजे गए हैं। ताकि यह पता लगा सके कि आखिर एक साथ सभी बकरियां क्यों बीमार हुई है? मरी बकरियों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
विज्ञापन
उपमंडल बंगाणा में बीते 24 दिसंबर को भेड़ बकरी पालन योजना में 27 परिवारों को 267 के करीब बकरियां बांटी गई, लेकिन मात्र तीन दिनों में ही यह बकरियां बीमार पड़ गई। कुछ परिवारों को दी गई बकरियों में से कुछ की मौत हो गई। पशुपालकों का आरोप है कि एक तरफ तो जिला ऊना पशुपालन विभाग बढ़िया नस्ल यानी बीटल आदि प्रजाति की बकरियों को देने की बात करता है। बढ़िया नस्ल की बजाए बीमार बकरियों को ही किसानों को प्रदान करके उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया है। यहां सवाल उठ रहे हैं कि बकरियों की पहले जांच क्यों नहीं की गई? बीमार होने की सूरत पर इन्हें वितरित क्यों किया गया।
विज्ञापन
इनसेट
जिला ऊना पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जय सिंह सेन ने कहा कि सभी 267 बकरियों का वैक्सीनेशन करवाकर ही हिमाचल लाया गया था, लेकिन हिमाचल में ज्यादा ठंड होने के कारण कुछ बकरियों को निमोनिया हो गया है। उन्होंने बताया कि करीब छह बकरियों की मौत हो गई है। इसकी भरपाई के लिए संबंधित ठेकेदार को कह दिया गया है। किसानों के नुकसान की भरपाई हर हाल में होगी।
विज्ञापन
इनसेट
बंगाणा के एसवीओ डॉ सतिंद्र ठाकुर ने कहा कि उपमंडल बंगाणा में बीमार बकरियां का घरद्वार फ्री इलाज हो रहा है। कुछ बकरियों के सैंपल लेकर पालमपुर भेजे गए हैं। ताकि यह पता लगा सके कि आखिर एक साथ सभी बकरियां क्यों बीमार हुई है? मरी बकरियों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।