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Una News: 'सरकार गांव के द्वार' मसले तो सुने गए, पर हल नहीं हो पाए

Tue, 28 Jan 2025 04:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 28 Jan 2025 04:54 PM IST
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'Garkar village gate' issues were heard, but could not be resolved
अमर उजाला पड़ताल
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किसी के पास घर तो किसी को घर जाने को रास्ता नहीं
रायपुर सहोड़ा में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में में सुनी थीं समस्याएं
समस्याओं के हल के लिए उम्मीदों की झोली फैलाए आए थे ग्रामीण
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)। जिला ऊना के सीमावर्ती गांव रायपुर सहोड़ा में पिछले वर्ष 25 जनवरी के दिन सरकार गांव के द्वार आई थी। इस कार्यक्रम में अनेक गांवों के लोग अपनी समस्याएं लेकर सूबे के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दरबार में आए थे। उस दौरान किसी के पास रहने को घर नहीं था तो किसी को अपने घर तक जाने को रास्ता नहीं, ऐसी समस्याएं सामने आई थीं। कोई गंदे पानी की निकासी को लेकर परेशान था तो किसी ने जंगली जानवरों को लेकर पेश आ रही दिक्कत को सरकार के समक्ष उठाया था।
रायपुर सहोड़ा की सोनू देवी ने कहा था कि उनके पास घर तो है पर घर जाने के लिए रास्ता नहीं है, जो रास्ता है वहां पर गंदा पानी हर वक्त खड़ा रहता है, जिस कारण उन्हें बहुत दिक्कत पेश आ रही है। आज एक वर्ष बाद भी समस्या जस की तस है। चड़तगढ़ के मास्टर कृष्णदेव शर्मा ने जंगली जानवरों का मसला उठाते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान मांगा था, लेकिन इस समस्या पर भी आज एक कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए जा सके, जिससे यह समस्या आज भी वहीं खड़ी है, जहां एक वर्ष पूर्व थी। रायपुर के मोहन लाल सहोड ने गंदे पानी से करीब एक दर्जन लोगों की उपजाऊ भूमि खराब होने का मामला उप मुख्यमंत्री के समक्ष इस उम्मीद से उठाया था, कि सरकार कोई हल करेगी, लेकिन यह मसला हल न हो पाया।
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रायपुर सहोड़ा ग्राम पंचायत की निवासी सुलोचना देवी ने घर न होने की बात कहते हुए उप मुख्यमंत्री के समक्ष घर बनाने को आर्थिक सहायता की गुहार लगाई थी, लेकिन आज एक वर्ष के बाद भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता की एक पाई तक नसीब नहीं हो सकी है। सनोली के जरनैल सिंह ने भी पानी निकासी का मसला उठाया था, वह भी हल नहीं हुआ। गांव रायपुर सहोड़ा के पूर्व उप प्रधान अश्वनी कुमार ने कहा कि बड़ी के तालाब बनाने की दिशा में कदम उठाने की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था, तालाब तो अभी नहीं बना, इसके चारों ओर पेवर लगाने का काम जरूर शुरू हो चुका है। रायपुर सहोड़ा गुरुद्वारे के सामने वाले रास्ते के निर्माण का मसला भी स्थानीय लोगों ने पुरजोर तरीके से उठाया था, लेकिन उक्त मसले का भी आज एक वर्ष पूरा होने के बाद कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का मानना है कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में उठाए गए 90 फीसदी मामलों का एक साल के बाद भी कोई हल नहीं हो पाया है। संवाद
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सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में उठाए गए मसलों को लेकर हम समीक्षा करेंगे, ताकि पता चल सके कि कितने मामलों का समाधान हुआ है। जिन मामलों का अभी तक कोई हल नहीं हुआ, उनकी दोबारा समीक्षा करेंगे।
-किशोरी लाल वर्मा, खंड विकास अधिकारी ऊना
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