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Una News: बंगाणा में 200 हेक्टेयर क्षेत्र में लहलहाएंगे फलदार पौधे
Mon, 16 Oct 2023 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:41 PM IST
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ऊना। जिला ऊना के बंगाणा क्षेत्र में जल्द विभिन्न फलों के पौधे लहलहाएंगे। इसके लिए बागवानी विभाग ने कवायद तेज कर दी है। क्षेत्र में एचपी शिवा परियोजना के तहत चयनित 200 हेक्टेयर भूमि का सर्वेक्षण पूरा हो गया है। विभाग की ओर से जमीन को समतल करने के साथ सोलर फेंसिंग लगाने के लिए भी आकलन किया जा रहा है। क्षेत्र में इस परियोजना से करीब 350 किसानों की आर्थिकी में सुधार होगा।
जानकारी के अनुसार बंगाणा क्षेत्र में फरवरी 2024 में एचपी शिवा परियोजना के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लीची, आम, प्लम और जापानी फल के पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना में चयनित किसानों-बागवानों को कुल लागत में से मात्र 20 प्रतिशत राशि अदा करनी होगी। 80 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
बता दें कि ऊना के अलावा प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में एचपी शिव परियोजना के तहत बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। परियोजना के लागू होने से राज्य के बागवानों को स्वरोजगार के साथ जुड़ने और फल उत्पादन बढ़ने से राज्य की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।
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कृषि छोड़ चुके किसानों पर फोकस
एचपी शिवा परियोजना में ऐसे किसानों पर फोकस किया जा रहा जो विभिन्न कारणों से खेतीबाड़ी छोड़ चुके हैं या अधिकतर जमीन पर खेती ही नहीं करते। ऊना जिले के खासकर बंगाणा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जो विभिन्न कारणों से पारंपरिक खेती छोड़ चुके हैं और आर्थिकी के नए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे किसानों की भूमि चयनित कर वहां सिंचाई और सोलर बाड़ की सुविधा का प्रबंध कर फलदार पौधों के बगीचे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए सरकार की ओर से कुल लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
जमीन की सोलर फेंसिंग का सर्वे जारी
जिला बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. संतोष बख्शी ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना को धरातल पर लागू करने से जुड़ी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। प्रदेशभर में चयनित 4,000 हेक्टेयर जमीन का सर्वेक्षण हो चुका है। जमीन की सोलर फेंसिंग का सर्वे जारी है। इस परियोजना का मकसद लोगों को सामूहिक खेती के लिए प्रेरित कर उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ करना है।
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जानकारी के अनुसार बंगाणा क्षेत्र में फरवरी 2024 में एचपी शिवा परियोजना के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लीची, आम, प्लम और जापानी फल के पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना में चयनित किसानों-बागवानों को कुल लागत में से मात्र 20 प्रतिशत राशि अदा करनी होगी। 80 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
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बता दें कि ऊना के अलावा प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में एचपी शिव परियोजना के तहत बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। परियोजना के लागू होने से राज्य के बागवानों को स्वरोजगार के साथ जुड़ने और फल उत्पादन बढ़ने से राज्य की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।
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कृषि छोड़ चुके किसानों पर फोकस
एचपी शिवा परियोजना में ऐसे किसानों पर फोकस किया जा रहा जो विभिन्न कारणों से खेतीबाड़ी छोड़ चुके हैं या अधिकतर जमीन पर खेती ही नहीं करते। ऊना जिले के खासकर बंगाणा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जो विभिन्न कारणों से पारंपरिक खेती छोड़ चुके हैं और आर्थिकी के नए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे किसानों की भूमि चयनित कर वहां सिंचाई और सोलर बाड़ की सुविधा का प्रबंध कर फलदार पौधों के बगीचे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए सरकार की ओर से कुल लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
जमीन की सोलर फेंसिंग का सर्वे जारी
जिला बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. संतोष बख्शी ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना को धरातल पर लागू करने से जुड़ी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। प्रदेशभर में चयनित 4,000 हेक्टेयर जमीन का सर्वेक्षण हो चुका है। जमीन की सोलर फेंसिंग का सर्वे जारी है। इस परियोजना का मकसद लोगों को सामूहिक खेती के लिए प्रेरित कर उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ करना है।