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ऑनलाइन डील के चक्कर में युवक से ठगे 18 हजार
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अंब (ऊना)। ओएलएक्स पर बेस्ट डील के चक्कर में एक युवक 18 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गया। एक ही बार में ठग उससे चार बार किस्तों में 18 हजार का चूना लगा गया। उस पर हालात ये है कि वह अब समाज में मजाक न बने, इसलिए इस बारे में पुलिस में शिकायत भी नहीं करवा रहा है।
मामला उपमंडल मुख्यालय अंब का है। यहां कामकाजी युवक ने मंहगे मोबाइल फोन को बेचने के लिए ओएलएक्स पर 23 हजार रुपये की डील के लिए प्रस्तुत किया। इस पर उसे एक नंबर से कॉल आ गई। जिस पर सौदेबाजी के बाद दोनों का सौदा 21 हजार रुपये में तय हो गया। इसके बाद युवक को उस नंबर से एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए दो हजार रुपये का क्यूआर कोड आया। जिसे उसने उक्त युवक को फोन-पे एप्प पर स्कैन करने के लिए कहा। युवक ने जैसे हीे उस कोड को स्कैन किया। उसके खाते में पैसा आने के बजाय उसके खाते से उतनी रकम निकल गई।
इस बारे में युवक ने जब फोन किया तो उसने बातों में उलझाते हुए 2799 रुपये का क्यूआर कोड भेजा। जिसे स्कैन करते ही उसके खाते से उतनी रकम और निकल गई। युवक ने दोबारा उस व्यक्ति को फोन लगाया। तो उसने कहा कि शायद उसका अकाउंट फिक्स हो गया है। तभी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है और इसे खोलने के लिए उसे वह तीन हजार रुपये का क्यूआर कोड भेज रहा है। जिसे उसने पेटीएम से स्कैन करने के लिए कहा। जब युवक ने अपने दोस्त के पेटीएम कार्ड से उस कोड को स्कैन किया तो वही परिणाम हुआ।
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इसके बाद उस व्यक्ति ने दस हजार रुपये का क्यूआर कोड भेजकर स्कैन करने के लिए कहा और दस हजार रुपये भी अपने खाते में शिफ्ट कर लिया। युवक आम व्यक्ति की भांति क्यूआर कोड के चक्कर में उलझ कर लगभग 18000 हजार रुपये गंवा चुका है। इस संबंध में डीएसपी अंब मनोज जंवाल ने कहा कि इस प्रकार की कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं आई है। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन डील को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।
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मामला उपमंडल मुख्यालय अंब का है। यहां कामकाजी युवक ने मंहगे मोबाइल फोन को बेचने के लिए ओएलएक्स पर 23 हजार रुपये की डील के लिए प्रस्तुत किया। इस पर उसे एक नंबर से कॉल आ गई। जिस पर सौदेबाजी के बाद दोनों का सौदा 21 हजार रुपये में तय हो गया। इसके बाद युवक को उस नंबर से एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए दो हजार रुपये का क्यूआर कोड आया। जिसे उसने उक्त युवक को फोन-पे एप्प पर स्कैन करने के लिए कहा। युवक ने जैसे हीे उस कोड को स्कैन किया। उसके खाते में पैसा आने के बजाय उसके खाते से उतनी रकम निकल गई।
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इस बारे में युवक ने जब फोन किया तो उसने बातों में उलझाते हुए 2799 रुपये का क्यूआर कोड भेजा। जिसे स्कैन करते ही उसके खाते से उतनी रकम और निकल गई। युवक ने दोबारा उस व्यक्ति को फोन लगाया। तो उसने कहा कि शायद उसका अकाउंट फिक्स हो गया है। तभी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है और इसे खोलने के लिए उसे वह तीन हजार रुपये का क्यूआर कोड भेज रहा है। जिसे उसने पेटीएम से स्कैन करने के लिए कहा। जब युवक ने अपने दोस्त के पेटीएम कार्ड से उस कोड को स्कैन किया तो वही परिणाम हुआ।
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इसके बाद उस व्यक्ति ने दस हजार रुपये का क्यूआर कोड भेजकर स्कैन करने के लिए कहा और दस हजार रुपये भी अपने खाते में शिफ्ट कर लिया। युवक आम व्यक्ति की भांति क्यूआर कोड के चक्कर में उलझ कर लगभग 18000 हजार रुपये गंवा चुका है। इस संबंध में डीएसपी अंब मनोज जंवाल ने कहा कि इस प्रकार की कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं आई है। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन डील को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।