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Una News: पूर्व विधायक भुट्टो की सगी भाभी, चचेरे भाई चुनाव हारे
Thu, 28 May 2026 12:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 28 May 2026 12:07 AM IST
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थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ के पूर्व विधायक देवेंद्र भुट्टो को पंचायत चुनाव में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। सुकड़ियाल पंचायत में उनकी सगी भाभी प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में थीं, जबकि उनका चचेरा भाई उपप्रधान पद का चुनाव लड़ रहा था।
चुनाव परिणाम में दोनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। सुकड़ियाल पंचायत का यह चुनाव क्षेत्र में काफी चर्चाओं में रहा, क्योंकि इसे पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा था।
चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों ने पूरी ताकत झोंकी और पंचायत में मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ था। हालांकि मतगणना के बाद आए परिणामों में मतदाताओं ने दोनों उम्मीदवारों को नकार दिया।
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स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार पंचायत चुनावों में ग्रामीण विकास, स्थानीय समस्याएं और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहुंच प्रमुख मुद्दे रहे। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थकों में मायूसी देखी गई जबकि विरोधी पक्ष ने इसे जनता का जनादेश बताया।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार पंचायत चुनाव के ये नतीजे आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं। ग्रामीण स्तर पर बदलते राजनीतिक समीकरणों ने यह साफ संकेत दिया है कि अब पंचायत चुनावों में मतदाता स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उपमंडल बंगाणा में निर्वाचन प्रक्रिया के पूर्ण होने के उपरांत मंगलवार देर शाम को संबंधित पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के पदों के परिणाम घोषित कर दिए गए। उपमंडल प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाया गया।
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चुनाव परिणाम में दोनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। सुकड़ियाल पंचायत का यह चुनाव क्षेत्र में काफी चर्चाओं में रहा, क्योंकि इसे पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा था।
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चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों ने पूरी ताकत झोंकी और पंचायत में मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ था। हालांकि मतगणना के बाद आए परिणामों में मतदाताओं ने दोनों उम्मीदवारों को नकार दिया।
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स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार पंचायत चुनावों में ग्रामीण विकास, स्थानीय समस्याएं और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहुंच प्रमुख मुद्दे रहे। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थकों में मायूसी देखी गई जबकि विरोधी पक्ष ने इसे जनता का जनादेश बताया।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार पंचायत चुनाव के ये नतीजे आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं। ग्रामीण स्तर पर बदलते राजनीतिक समीकरणों ने यह साफ संकेत दिया है कि अब पंचायत चुनावों में मतदाता स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उपमंडल बंगाणा में निर्वाचन प्रक्रिया के पूर्ण होने के उपरांत मंगलवार देर शाम को संबंधित पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के पदों के परिणाम घोषित कर दिए गए। उपमंडल प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाया गया।