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दो डिग्री पारा, टाट पट्टी पर नौनिहाल
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Sat, 23 Jan 2016 06:41 PM IST
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ऊना। ...पारा जमाव बिंदु से महज दो डिग्री ऊपर और बच्चे एक पतली सी टाट-पट्टी में ठिठुर रहे हैं। यह नजारा जिले के कई सरकारी स्कूलों में इन दिनों आम देखा जा सकता है।
जिले में इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी स्कूलों में शिक्षा हासिल कर रहे नौनिहालों पर कहर बरपा रही है। नन्हें छात्र भयंकर सर्दी के बीच शिक्षा लेने को मजबूर हैं, जबकि विभाग ने भी छात्रों की समस्याओं पर आंखें मूंद रखी हैं। स्कूलों में हजारों छात्र ठिठुर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी कार्यालयों में हीटरों और एयर कंडीशनों में मौसम का तकाजा लगाकर मामले से अनभिज्ञ बने बैठे हैं।
सरकारी और निजी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों पर सर्दी का कहर जमकर बरप रहा है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में तो छात्रों को बैठने के लिए भी मात्र टाट-पट्टियां ही बिछाई जाती हैं। हालात यह है कि भयंकर सर्दी के बीच सुबह स्कूल पहुंचे रहे नौनिहाल बीमारियों की चपेट में भी आने शुरू हो गए हैं, जिससे स्कूलों में बच्चे तेज बुखार और उल्टियां से ग्रस्त चल रहे हैं। उधर, भयंकर सर्दी के चलते अभिभावकों ने अपने लाडलों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया है। अभिभावकों में राजकुमार, मोहन दास, कृष्णा देवी, चरंजी लाल, बलविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, अजय शर्मा, पवन कुमार, आशा रानी व देवराज शर्मा का कहना है कि भयंकर सर्दी के चलते ही उन्होंने अपने नौनिहालों को स्कूल नहीं भेजा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मौसम में स्कूलों को बंद कर देना चाहिए। उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी सर्दी को लेकर उपायुक्त अभिषेक जैन को ज्ञापन सौंप कर प्राथमिक स्कूलों की समय सारिणी में बदलाव करने की मांग उठाई है।
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ठंड से बचने को कोई इंतजाम नहीं
जिला भर के सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए विभाग की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। हालत यह है सर्दी के चलते नन्हे छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से दिए जाने वाले कोयले एवं हीटर भी पिछले कई वर्षों से बंद है। ऐसे में भयंकर सर्दी में नन्हे छात्रों को बुरी हालत हो रही है।
क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग के कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को ऊना में न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पारा और भी गिरने की संभावना है।
समय सारिणी में बदलाव किया जाए : पीटीएफ
उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह बैंस, महामंत्री राकेश चंद्र शर्मा, जोगिंद्र व महेश शर्मा ने शुक्रवार को उपायुक्त अभिषेक जैन को जिले में भयंकर सर्दी के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि विभाग इस मामले पर उचित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि कड़ाके की सर्दी के कारण प्रशासन प्राथमिक पाठशालाओं की समय सारिणी में बदलाव करे, जिससे स्कूली छात्रों को राहत मिल सके।
क्या कहते हैं चिकित्सा विशेषज्ञ
उधर, जिला क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात शिशु विशेषज्ञ डा. रवि का कहना है कि इस प्रकार की सर्दी में बच्चों में इंफेक्शन आदि का खतरा रहता है, जो काफी घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने लोगों को खाने पीने एवं उबाल कर पानी पीने की सलाह दी है।
शीघ्र लेंगे फैसला : डीसी
उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि जिले में भयंकर सर्दी पड़ रही है। उन्होंने इस पर गंभीरता से विचार करने एवं शीघ्र ही उचित फैसला लेने का आश्वसन दिया है।
जिले में इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी स्कूलों में शिक्षा हासिल कर रहे नौनिहालों पर कहर बरपा रही है। नन्हें छात्र भयंकर सर्दी के बीच शिक्षा लेने को मजबूर हैं, जबकि विभाग ने भी छात्रों की समस्याओं पर आंखें मूंद रखी हैं। स्कूलों में हजारों छात्र ठिठुर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी कार्यालयों में हीटरों और एयर कंडीशनों में मौसम का तकाजा लगाकर मामले से अनभिज्ञ बने बैठे हैं।
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सरकारी और निजी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों पर सर्दी का कहर जमकर बरप रहा है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में तो छात्रों को बैठने के लिए भी मात्र टाट-पट्टियां ही बिछाई जाती हैं। हालात यह है कि भयंकर सर्दी के बीच सुबह स्कूल पहुंचे रहे नौनिहाल बीमारियों की चपेट में भी आने शुरू हो गए हैं, जिससे स्कूलों में बच्चे तेज बुखार और उल्टियां से ग्रस्त चल रहे हैं। उधर, भयंकर सर्दी के चलते अभिभावकों ने अपने लाडलों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया है। अभिभावकों में राजकुमार, मोहन दास, कृष्णा देवी, चरंजी लाल, बलविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, अजय शर्मा, पवन कुमार, आशा रानी व देवराज शर्मा का कहना है कि भयंकर सर्दी के चलते ही उन्होंने अपने नौनिहालों को स्कूल नहीं भेजा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मौसम में स्कूलों को बंद कर देना चाहिए। उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी सर्दी को लेकर उपायुक्त अभिषेक जैन को ज्ञापन सौंप कर प्राथमिक स्कूलों की समय सारिणी में बदलाव करने की मांग उठाई है।
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ठंड से बचने को कोई इंतजाम नहीं
जिला भर के सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए विभाग की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। हालत यह है सर्दी के चलते नन्हे छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से दिए जाने वाले कोयले एवं हीटर भी पिछले कई वर्षों से बंद है। ऐसे में भयंकर सर्दी में नन्हे छात्रों को बुरी हालत हो रही है।
क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग के कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को ऊना में न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पारा और भी गिरने की संभावना है।
समय सारिणी में बदलाव किया जाए : पीटीएफ
उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह बैंस, महामंत्री राकेश चंद्र शर्मा, जोगिंद्र व महेश शर्मा ने शुक्रवार को उपायुक्त अभिषेक जैन को जिले में भयंकर सर्दी के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि विभाग इस मामले पर उचित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि कड़ाके की सर्दी के कारण प्रशासन प्राथमिक पाठशालाओं की समय सारिणी में बदलाव करे, जिससे स्कूली छात्रों को राहत मिल सके।
क्या कहते हैं चिकित्सा विशेषज्ञ
उधर, जिला क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात शिशु विशेषज्ञ डा. रवि का कहना है कि इस प्रकार की सर्दी में बच्चों में इंफेक्शन आदि का खतरा रहता है, जो काफी घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने लोगों को खाने पीने एवं उबाल कर पानी पीने की सलाह दी है।
शीघ्र लेंगे फैसला : डीसी
उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि जिले में भयंकर सर्दी पड़ रही है। उन्होंने इस पर गंभीरता से विचार करने एवं शीघ्र ही उचित फैसला लेने का आश्वसन दिया है।