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Una News: अदालत में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पेश करने पर एफआईआर दर्ज
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मोटरसाइकिल को छोड़ने के लिए आवेदन में लगाया फर्जी लाइसेंस
कोर्ट ने पुलिस को दिए जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। अंब के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत सिंह नेगी की अदालत में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला दलेर सिंह नामक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो धर्मसाल महंता का निवासी है। आरोप है कि दलेर सिंह ने अदालत में एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पेश किया, जो शैलिंदर सिंह नामक व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया था। इस लाइसेंस का उपयोग करके उसने अपनी मोटर साइकिल को छोड़ने के लिए आवेदन किया था। इसे पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत जब्त किया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दलेर सिंह ने जानबूझकर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग करके अदालत को धोखा देने की कोशिश की। अदालत ने पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा दी जा सकती है। अदालत ने पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस को इस मामले में 28 अप्रैल 2025 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। इस मामले में दलेर सिंह के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340(1), 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसआई अशोक कुमार को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है।
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कोर्ट ने पुलिस को दिए जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। अंब के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत सिंह नेगी की अदालत में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला दलेर सिंह नामक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो धर्मसाल महंता का निवासी है। आरोप है कि दलेर सिंह ने अदालत में एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पेश किया, जो शैलिंदर सिंह नामक व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया था। इस लाइसेंस का उपयोग करके उसने अपनी मोटर साइकिल को छोड़ने के लिए आवेदन किया था। इसे पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत जब्त किया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दलेर सिंह ने जानबूझकर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग करके अदालत को धोखा देने की कोशिश की। अदालत ने पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा दी जा सकती है। अदालत ने पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस को इस मामले में 28 अप्रैल 2025 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। इस मामले में दलेर सिंह के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340(1), 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसआई अशोक कुमार को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है।