फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Farmers' hopes dashed due to lack of rain

Una News: बारिश न होने से फिरा किसानों की उम्मीदों पर पानी

Tue, 10 Dec 2024 05:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2024 05:47 PM IST
विज्ञापन
Farmers' hopes dashed due to lack of rain
बोले-जंगल बचाए जाते और खनन पर रोक लगती तो आज ये हालात न होते
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। क्षेत्र में बारिश न होने से खेतीबाड़ी पर निर्भर किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। पिछले माह ही किसानों ने गेहूं की बिजाई की थी, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। यहां की मुख्य फसलें गेहूं और मक्की है। इन्हें बीजकर किसान जीवनयापन करते हैं लेकिन इस बार बारिश न होने से निराश हैं। किसान और क्षेत्रवासी मानते हैं कि जंगलों की बेतहाशा कटाई, अत्यधिक खनन और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण यह समस्या और गहराती जा रही है। सिंचाई की सुविधा कुछ क्षेत्रों में ही उपलब्ध है लेकिन कई जगहों पर सिंचाई की नालियां बंद हो गई हैं। वहीं, जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है, वहां पर किसान पूरी तरह से बारिश पर निर्भर हैं। ऐसे में बारिश न होने के कारण फसल बर्बाद हो रही है। जमीनें बंजर हो चुकी हैं। किसानों की इन चिंताओं को देखते हुए क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सिंचाई व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। प्रशासन को जल्द से जल्द प्रभावी समाधान निकालना होगा ताकि किसानों को राहत मिल सके।
बाक्स

किसान दीपक ने बताया कि हमने गेहूं की बिजाई की है, लेकिन बिना बारिश के फसल कैसे उगेगी। सिंचाई की नालियां बंद हैं और जमीन सूखी पड़ी है। सरकार को हमारी समस्या का समाधान करना चाहिए।
विज्ञापन


बाक्स
विनोद कुमार ने कहा कि हमारे परिवार की पूरी आमदनी खेती पर निर्भर है। पिछले दो साल से बारिश समय पर नहीं हो रही। अब तो पानी के लिए भगवान से ही प्रार्थना करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाक्स
युवा किसान निखिल का कहना है कि जंगल कटने और खनन के कारण बारिश में कमी आई है। अगर यही हाल रहा तो हमें गांव छोड़कर काम की तलाश में बाहर जाना पड़ेगा।
बाक्स
सामाजिक कार्यकर्ता हरीश कुमार ने मांग की है कि सरकार को जल संरक्षण योजनाएं लानी चाहिए। अगर जंगल बचाए जाते और खनन पर रोक लगती तो आज ये हालात नहीं होते।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed