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जिले में आलू की फसल पर स्प्रे करने में जुटे किसान
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पंडोगा में बारिश के कारण आलू फसल को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए कृषि विभाग के अधिकारी।
- फोटो : Una
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ऊना। जिले में शनिवार को खिली धूप से सबसे अधिक राहत क्षेत्र के किसानों ने महसूस की है। लगातार बारिश के कारण इस समय फसलें बीमारी की चपेट में आना शुरू हो गई हैं। खासतौर पर आलू की फसल पर इस समय झुलसा रोग का खतरा ज्यादा बढ़ चुका है। ऐसे में शनिवार को धूप खिलते ही किसान खेतों में जरूरी दवाइयों की स्प्रे करने में जुट गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करीब 600 हेक्टेयर जमीन पर आलू की फसल उगाई जाती है। लगातार बारिश होने के कारण कुछ जगह तो फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है लेकिन जिन स्थानों में फसल बची हुई है वहां भी जमीन में अतिरिक्त नमी आलू की फसल को खराब करने लगी है।
पंडोगा गांव के किसान देसराज ने बताया कि उन्होंने स्वां नदी के किनारे करीब 150 कनाल भूमि में आलू लगाए हैं। रेतीली जमीन होने के कारण इस भूमि पर शुरू में तो बारिश का असर नहीं हुआ लेकिन लगातार 25 दिन तक मौसम खराब रहने से जमीन में जरूरत से अधिक नमी पैदा हो चुकी है।
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ऐसे में आलू की फसल पर झुलसा रोग का खतरा मंडराने लगा है। कहा कि शनिवार को खिली धूप ने उन्हें बड़ी राहत दी है। अब उन्हें खेतों में जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए समय मिल गया है। अगर बारिश का दौर जारी रहता तो मुश्किलें बढ़ सकती थीं।
बॉक्स
कृषि विभाग की टीम ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
विषयवाद विशेषज्ञ (एसएमएस) हरोली डॉक्टर लेखराज के नेतृत्व में जिला कृषि विभाग की टीम ने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान विभाग की टीम ने किसानों से बातचीत भी की और उन्हें फसल के बचाव के लिए जरूरी सुझाव दिए।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि जिले के कुछ हिस्सों में बारिश का पानी खड़ा होने से आलू की फसल खराब हुई है। उन्होंने कहा कि इस समय मौसम की परिस्थिति को देखते हुए झुलसा रोग का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में किसान मैटालैक्स और एम-45 का मिश्रण एक निश्चित अनुपात में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी परामर्श के लिए विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करीब 600 हेक्टेयर जमीन पर आलू की फसल उगाई जाती है। लगातार बारिश होने के कारण कुछ जगह तो फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है लेकिन जिन स्थानों में फसल बची हुई है वहां भी जमीन में अतिरिक्त नमी आलू की फसल को खराब करने लगी है।
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पंडोगा गांव के किसान देसराज ने बताया कि उन्होंने स्वां नदी के किनारे करीब 150 कनाल भूमि में आलू लगाए हैं। रेतीली जमीन होने के कारण इस भूमि पर शुरू में तो बारिश का असर नहीं हुआ लेकिन लगातार 25 दिन तक मौसम खराब रहने से जमीन में जरूरत से अधिक नमी पैदा हो चुकी है।
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ऐसे में आलू की फसल पर झुलसा रोग का खतरा मंडराने लगा है। कहा कि शनिवार को खिली धूप ने उन्हें बड़ी राहत दी है। अब उन्हें खेतों में जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए समय मिल गया है। अगर बारिश का दौर जारी रहता तो मुश्किलें बढ़ सकती थीं।
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कृषि विभाग की टीम ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
विषयवाद विशेषज्ञ (एसएमएस) हरोली डॉक्टर लेखराज के नेतृत्व में जिला कृषि विभाग की टीम ने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान विभाग की टीम ने किसानों से बातचीत भी की और उन्हें फसल के बचाव के लिए जरूरी सुझाव दिए।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि जिले के कुछ हिस्सों में बारिश का पानी खड़ा होने से आलू की फसल खराब हुई है। उन्होंने कहा कि इस समय मौसम की परिस्थिति को देखते हुए झुलसा रोग का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में किसान मैटालैक्स और एम-45 का मिश्रण एक निश्चित अनुपात में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी परामर्श के लिए विभाग से संपर्क कर सकते हैं।