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Una News: चौथी से पांचवीं में आए छात्रों के लिए इंग्लिश मीडियम बना चुनौती, अभिभावक परेशान

Sat, 05 Apr 2025 06:52 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 06:52 PM IST
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English medium has become a challenge for students coming from class 4th to 5th, parents are worried
विषयों की भाषा बदलने से बच्चों के आत्मविश्वास पर भी पड़ रहा असर
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न तो इंग्लिश मीडियम की तैयारी कराई और न ही मानसिक रूप से किया तैयार
अभिभावकों की मांग, दो-भाषी माध्यम रखा जाए या फिर विशेष स्पोर्ट कक्षाएं चलाई जाएं
संवाद न्यूज एजेंसी

थानाकलां (ऊना)। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही चौथी कक्षा से पांचवीं में प्रवेश करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। कई स्कूलों ने पांचवीं कक्षा से अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई अनिवार्य कर दी है। इससे छात्र और उनके माता-पिता चिंतित हैं। छात्र अभी तक हिंदी माध्यम में सहज थे, वहीं अब अचानक अंग्रेज़ी में पढ़ाई शुरू हो जाने से उन्हें समझने में कठिनाई हो रही है। गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान जैसी विषयों की भाषा बदलने से उनके आत्मविश्वास पर भी असर पड़ा है। अभिभावकों में सीमा, मुकेश, अमन, रमन, कपिल, सूर्यांश, राजकुमार का कहना है कि न तो बच्चों को इंग्लिश मीडियम की तैयारी कराई गई थी और न ही उन्हें इस बदलाव के लिए मानसिक रूप से तैयार किया गया। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से मांग की है कि या तो दो-भाषी माध्यम (हिन्दी+अंग्रेज़ी) रखा जाए या फिर विशेष सपोर्ट कक्षाएं चलाई जाएं ताकि बच्चों की नींव मजबूत हो सके। स्कूलों के शिक्षक भी मानते हैं कि बच्चों के लिए यह बदलाव अचानक है। एक शिक्षक ने बताया कि अधिकांश बच्चे गांव या कस्बों से आते हैं। जहां अंग्रेज़ी का इतना संपर्क नहीं होता। अचानक पूरा माध्यम बदलना उन्हें मानसिक दबाव में डाल सकता है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि वे इस विषय में हस्तक्षेप करें और स्कूलों को निर्देश दें कि अंग्रेज़ी माध्यम लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी कराई जाए। साथ ही ऐसे बच्चों के लिए अतिरिक्त सहयोग मुहैया कराया जाए, जो अंग्रेज़ी में कमजोर हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मातृभाषा या प्रादेशिक भाषा में शिक्षा की नींव मजबूत करने के बाद ही बच्चों को अन्य भाषाओं में दक्ष बनाना उचित होता है। नहीं तो वे विषयवस्तु से कट जाते हैं और पढ़ाई बोझ बन जाती है। चौथी से पांचवीं में जाने वाले छात्रों के लिए माध्यम का यह बदलाव फिलहाल परेशानी का कारण बन रहा है। ज़रूरत इस बात की है कि इस संक्रमण काल को सहज और सहयोगपूर्ण बनाया जाए, ताकि बच्चे सीखने से पीछे न छूटें और अभिभावकों की चिंताएं भी दूर हो सकें। खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी हंसराज का कहना है कि छात्रों के लिए इंग्लिश मीडियम नया विषय हो सकता है।लेकिन बच्चे इंग्लिश सीख लेंगे। कई स्थानों से अभिभावकों की तरफ से शिकायतें आ रही है। हम उन्हें सरकार को भेज रहे हैं।
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