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Una News: अस्पताल में आठ वर्षीय बच्चे की मौत
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सांस की नली में कुछ फंसने से गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में माहौल उस वक्त गमगीन हो गया, जब आठ वर्षीय बीमार बच्चे की मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत के बारे में सुनकर माता-पिता अस्पताल के आपात वार्ड से परिसर तक विलाप के बीच स्थिति काफी संवेदनशील हो गई। होमगार्ड जवानों ने सहज तरीके से बिगड़ी स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार ऊना के वार्ड सात निवासी प्रकुल के परिजन उसे गंभीर हालत में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लेकर पहुंचे। यहां पर चिकित्सक ने उसे उपचार देना शुरू किया। जांच में पता चला कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत है। इतने में टेस्ट आदि की औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं कि परिजनों ने प्रकुल को जूस पिलाया। जूस पीते ही प्रकुल की हालत और गंभीर हो गई और चंद क्षण में उसने दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने बच्चे की जान बचाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन उसे बचा न सके। इस बीच पूरा अस्पताल चीखों पुकार में तबदील हो गया।
निजी अस्पताल में भी लिया था उपचार
बताया जा रहा है कि प्रकुल बीते चार पांच दिनों से बीमार था। परिजनों ने उसे ऊना के एक निजी शिशु रोग चिकित्सक से भी उपचार दिलाया, लेकिन उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार न हुआ। अचानक उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लेकर पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में इलाज के दौरान प्रकुल की मौत हो गई।
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गंभीर हालत के बीच बच्चे को परिजन आपात वार्ड में लेकर पहुंचे थे। उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए गए। बच्चे की सांस की नली में कुछ फंस गया था।
-डॉ. कर्ण, चिकित्सक आपात वार्ड, ऊना अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में माहौल उस वक्त गमगीन हो गया, जब आठ वर्षीय बीमार बच्चे की मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत के बारे में सुनकर माता-पिता अस्पताल के आपात वार्ड से परिसर तक विलाप के बीच स्थिति काफी संवेदनशील हो गई। होमगार्ड जवानों ने सहज तरीके से बिगड़ी स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार ऊना के वार्ड सात निवासी प्रकुल के परिजन उसे गंभीर हालत में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लेकर पहुंचे। यहां पर चिकित्सक ने उसे उपचार देना शुरू किया। जांच में पता चला कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत है। इतने में टेस्ट आदि की औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं कि परिजनों ने प्रकुल को जूस पिलाया। जूस पीते ही प्रकुल की हालत और गंभीर हो गई और चंद क्षण में उसने दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने बच्चे की जान बचाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन उसे बचा न सके। इस बीच पूरा अस्पताल चीखों पुकार में तबदील हो गया।
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निजी अस्पताल में भी लिया था उपचार
बताया जा रहा है कि प्रकुल बीते चार पांच दिनों से बीमार था। परिजनों ने उसे ऊना के एक निजी शिशु रोग चिकित्सक से भी उपचार दिलाया, लेकिन उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार न हुआ। अचानक उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लेकर पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में इलाज के दौरान प्रकुल की मौत हो गई।
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गंभीर हालत के बीच बच्चे को परिजन आपात वार्ड में लेकर पहुंचे थे। उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए गए। बच्चे की सांस की नली में कुछ फंस गया था।
-डॉ. कर्ण, चिकित्सक आपात वार्ड, ऊना अस्पताल