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Una News: गंदी नालियों के बीच गुजर रहे पेयजल पाइप, शहर में बढ़ा पानी दूषित होने का खतरा
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ऊना शहर में पुराना होशियारपुर मार्ग पर गंदी नाली से गुजरती पेयजल पाइपें।संवाद
मानसून में जलजनित बीमारियों की आशंका बढ़ी, पाइपलाइन सुधार को लेकर विभाग पर उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शहर के कई इलाकों में गंदी नालियों के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनें लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। मानसून के दौरान नालियों का गंदा पानी पाइपों के आसपास जमा रहने से पेयजल के दूषित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके बावजूद संबंधित विभाग समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।
शहर में कई स्थानों पर वर्षों पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनें नालियों के संपर्क में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पाइपलाइन में कहीं रिसाव हो तो नालियों का दूषित पानी पाइप के भीतर पहुंचकर घरों तक सप्लाई हो सकता है। अब तक न तो पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है और न ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की समुचित मरम्मत हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पेयजल से डायरिया, टायफाइड, पीलिया, उल्टी सहित अन्य जलजनित रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने व्यवस्था में सुधार की मांग उठाते हुए अपनी चिंताएं भी साझा की हैं।
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बाक्स
गंदे पानी की नालियों से पेयजल पाइप लाइनें गुजर रही हैं। ये पाइप काफी पुराने हैं। ऐसे में कई रोग फैलने का खतरा बना रहता है। इस पर विभाग को ध्यान देना चाहिए। -रोहित शर्मा स्थानीय निवासी
बाक्स
पाइप लाइनों को नालियों बाहर किया जाना चाहिए। इसे लेकर नगर निगम और संबंधित विभाग को उचित कदम उठाने की जरूरत है। -रविंद्र शर्मा, स्थानीय निवासी
कोट
नगर निगम शहर की समस्याओं को निपटाने के लिए प्रयास कर रहा है। इसमें निकासी नालियों से पेयजल पाइपों को अलग करने की भी योजना है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शहर के कई इलाकों में गंदी नालियों के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनें लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। मानसून के दौरान नालियों का गंदा पानी पाइपों के आसपास जमा रहने से पेयजल के दूषित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके बावजूद संबंधित विभाग समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।
शहर में कई स्थानों पर वर्षों पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनें नालियों के संपर्क में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पाइपलाइन में कहीं रिसाव हो तो नालियों का दूषित पानी पाइप के भीतर पहुंचकर घरों तक सप्लाई हो सकता है। अब तक न तो पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है और न ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की समुचित मरम्मत हुई है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पेयजल से डायरिया, टायफाइड, पीलिया, उल्टी सहित अन्य जलजनित रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने व्यवस्था में सुधार की मांग उठाते हुए अपनी चिंताएं भी साझा की हैं।
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गंदे पानी की नालियों से पेयजल पाइप लाइनें गुजर रही हैं। ये पाइप काफी पुराने हैं। ऐसे में कई रोग फैलने का खतरा बना रहता है। इस पर विभाग को ध्यान देना चाहिए। -रोहित शर्मा स्थानीय निवासी
बाक्स
पाइप लाइनों को नालियों बाहर किया जाना चाहिए। इसे लेकर नगर निगम और संबंधित विभाग को उचित कदम उठाने की जरूरत है। -रविंद्र शर्मा, स्थानीय निवासी
कोट
नगर निगम शहर की समस्याओं को निपटाने के लिए प्रयास कर रहा है। इसमें निकासी नालियों से पेयजल पाइपों को अलग करने की भी योजना है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना

ऊना शहर में पुराना होशियारपुर मार्ग पर गंदी नाली से गुजरती पेयजल पाइपें।संवाद

ऊना शहर में पुराना होशियारपुर मार्ग पर गंदी नाली से गुजरती पेयजल पाइपें।संवाद