ऊना। प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर कोटला कलां में चल रहे धार्मिक समागम में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रवचनों को ध्यानपूर्वक सुना। इस अवसर पर कथा ब्यास गौर दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र को चरितार्थ करके संगतों को इन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि नंद के घर आनंद गए की परिभाषा करते हुए बताया कि जो सबको आनंद बांटे वो नंद है जो सबको यश दें, उसका नाम यशोद्धा है। ऐसे बड़े हृदय वालों के घर पर ही आनंद कंद भगवान श्रीकृष्ण प्रकट होते हैं। महाराज ने कहा कि हम संसार में तो बहुत सारे मनोरथ करते हैं, कुछ पूरे होते हैं, कुछ नहीं होते। लेकिन भगवान के प्रति हम कुछ भी मनोरथ करेंगे, वह अवश्य पूरे होंगे। महाराज द्वारा गाये भजन गोकुल में आज दिवाली, प्रकट गए बनवारी पर संत विंद्र दास, संत माध्वा नंद, संत हरि शाह, योगेश, अतुल आदि बड़े प्रेम भाव में मग्न होकर नृत्य किया।

कोटला कलां स्थित राधा कृष्ण मंदिर में बाबा बाल महाराज का आशीर्वाद लेती संगत।- फोटो : Una

बढ़ेड़ा में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करती संगत।- फोटो : Una