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Una News: धमांदरी पुल को खतरा, बरसाती पानी में बह गए डंगे
Tue, 15 Jul 2025 06:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 15 Jul 2025 06:54 AM IST
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नारी (ऊना)। बंगाणा उपमंडल के धमांदरी गांव में 200 मीटर लंबे पुल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। बरसात के पानी की चपेट में आने के पुल के दोनों ओर बने डंगे क्षतिग्रस्त हो गए। अब पानी से पुल के पिलरों को खतरा पैदा हो गया। खड्ड में आए पानी के कटाव से पिलर खोखले हो रहे हैं। पुल की वर्तमान स्थिति यह है कि पानी से पिलरों को नुकसान होने लगा है लेकिन प्रशासन या सरकार की ओर से इसकी सुध नहीं ली गई।
जानकारी के अनुसार धमांदरी पुल का निर्माण करीब तीन दशक पहले हुआ। इससे क्षेत्र के 15 गांवों की करीब 35 हजार आबादी लाभान्वित हो रही है। पुल को लोगों की सुविधा के लिए खोल दिया गया लेकिन समय बीतने के साथ इसकी मरम्मत की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। बरसाती पानी की मार झेलते हुए इस पुल की सुरक्षा के लिए बनाए डंगे तक बह चुके हैं।
स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से पुल की समस्या प्रशासन के सामने रख रहे हैं। ग्रामीणों में बलराम कुमार, अजय कुमार, अमरनाथ, भूपेंद्र कुमार, विष्णु दत्त, परमजीत, चमन लाल, सुरेश कुमार, मनोज कुमार, का कहना है कि दो साल पहले बुनियाद को मजबूती देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने नींव खोदकर पुल के साथ 10 मीटर लंबे और लगभग 15 मीटर ऊंचे डंगे लगवाए। पिछले दिनों आई बाढ़ में डंगे बह गए। वर्तमान में केवल नींव ही दिखाई दे रही है। यदि ऐसा ही हाल रहा तो आने वाले समय में पुल के पिलर कमजोर हो जाएंगे और पुल के गिरने की आशंका बढ़ जाएगी। ग्राम पंचायत प्रधान सुनीता देवी का कहना है कि गांव के पुल का मामला गंभीर है। पंचायत की तरफ से भी कई बार विभाग को अवगत कराया गया और प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बावजूद जीर्णोद्धार को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए।
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ग्रामीणों ने सरकार से मांग उठाई है कि पुल का मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पुल डठवाड़ा, धमांदरी, कुंडू, पलियां, अंबेडा, जोल, बडसाला सहित 15 गांवों को आपस में जोड़ता है।
लोक निर्माण विभाग उपमंडल बसाल के कनिष्ठ अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि पुल की सुरक्षा के लिए डंगे लगाए गए। क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल की सुरक्षा के लिए नया प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। बजट जैसे ही उपलब्ध होगा, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार धमांदरी पुल का निर्माण करीब तीन दशक पहले हुआ। इससे क्षेत्र के 15 गांवों की करीब 35 हजार आबादी लाभान्वित हो रही है। पुल को लोगों की सुविधा के लिए खोल दिया गया लेकिन समय बीतने के साथ इसकी मरम्मत की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। बरसाती पानी की मार झेलते हुए इस पुल की सुरक्षा के लिए बनाए डंगे तक बह चुके हैं।
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स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से पुल की समस्या प्रशासन के सामने रख रहे हैं। ग्रामीणों में बलराम कुमार, अजय कुमार, अमरनाथ, भूपेंद्र कुमार, विष्णु दत्त, परमजीत, चमन लाल, सुरेश कुमार, मनोज कुमार, का कहना है कि दो साल पहले बुनियाद को मजबूती देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने नींव खोदकर पुल के साथ 10 मीटर लंबे और लगभग 15 मीटर ऊंचे डंगे लगवाए। पिछले दिनों आई बाढ़ में डंगे बह गए। वर्तमान में केवल नींव ही दिखाई दे रही है। यदि ऐसा ही हाल रहा तो आने वाले समय में पुल के पिलर कमजोर हो जाएंगे और पुल के गिरने की आशंका बढ़ जाएगी। ग्राम पंचायत प्रधान सुनीता देवी का कहना है कि गांव के पुल का मामला गंभीर है। पंचायत की तरफ से भी कई बार विभाग को अवगत कराया गया और प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बावजूद जीर्णोद्धार को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए।
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ग्रामीणों ने सरकार से मांग उठाई है कि पुल का मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पुल डठवाड़ा, धमांदरी, कुंडू, पलियां, अंबेडा, जोल, बडसाला सहित 15 गांवों को आपस में जोड़ता है।
लोक निर्माण विभाग उपमंडल बसाल के कनिष्ठ अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि पुल की सुरक्षा के लिए डंगे लगाए गए। क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल की सुरक्षा के लिए नया प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। बजट जैसे ही उपलब्ध होगा, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।