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Una News: पाबंदी के बावजूद शिकारी बिना भय कर रहे शिकार

Sun, 09 Feb 2025 08:01 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 08:01 PM IST
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Despite the ban, hunters are hunting without fear
ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
मैड़ी (ऊना)। उपमंडल अंब के विभिन्न जंगलों में शिकारियों की ओर से बिना किसी भय के शिकार किया जा रहा है। सरकार की ओर से किसानों को जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए बंदूक अथवा पिस्टल का लाइसेंस दिया जाता है। इसके बावजूद कुछ लोग शौक के लिए लाइसेंस के बिना शिकार कर रहे हैं। गांववासियों का कहना है कि शनिवार तथा रविवार के दिन शिकारी जंगल में डेरा डाले रहते हैं तथा पूरा दिन बंदूक से फायर करते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के कार्यों के लिए उन्हें जंगल में घास लेने, लकड़ी लेने तथा पशुओं को चराने आदि कार्यों के लिए जाना पड़ता है। कुछ शिकारी बंदूक तथा अन्य हथियारों के साथ दिनभर जंगल में शिकार की तलाश करते रहते हैं। मौका मिलने पर बंदूक से फायर कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकारियों को चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद शिकारी चोरी से जंगली जानवरों का शिकार करते रहते हैं। इससे किसी अनहोनी होने का भय बना रहता है। प्रशासन को ऐसे शरारती तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वह जंगली जीव जानवरों का शिकार न करें। सरकार ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 को देश के वन्यजीवों को सुरक्षा प्रदान करने एवं अवैध शिकार, तस्करी और अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया था। जनवरी 2003 में अधिनियम में संशोधन किया गया था और सजा और अधिनियम के तहत अपराधों के लिए जुर्माना और अधिक कठोर बना दिया है।

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अगर वन्यजीवों के शिकार की शिकायत आती है, तो शिकारियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम एक्ट 1972 की धारा 9 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- राहुल ठाकुर वन रेंज ऑफिसर अंब

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अगर कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के हथियार रखता है अथवा अवैध शिकार करता है, तो उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25 और 27 के अंतर्गत कार्रवाई की जाती है। अवैध शिकार की शिकायत पुलिस थाना अंब अथवा वन विभाग के अधिकारियों के पास भी दी जा सकती है
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- अनिल शर्मा, थाना प्रभारी अंब।
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